बुलंद सोच,।
संसद के मानसून सत्र को लेकर विपक्षी दलों ने अपनी रणनीति तेज कर दी है। दोनों सदनों के विपक्षी फ्लोर लीडर्स यानी संसदीय दल के नेता अब से कुछ देर में राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष के चैंबर में बैठक करेंगे। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य सत्र के बाकी बचे दिनों के लिए सदन के भीतर और बाहर की रणनीति तैयार करना है। इस बैठक के तुरंत बाद, लगभग 10:30 बजे विपक्षी सांसद संसद भवन के मकर द्वार पर विरोध प्रदर्शन करेंगे।
मुख्य मुद्दे
विपक्षी दल मुख्य रूप से दो मुद्दों पर सरकार को घेर रहे हैं। पहला, 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन के दौरान पुलिस द्वारा कथित बल प्रयोग (लाठीचार्ज, आंसू गैस आदि) को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से सदन में स्पष्ट बयान और जवाब की मांग की जा रही है। दूसरा, अयोध्या स्थित राम मंदिर के लिए मिले दान और चढ़ावे में कथित अनियमितताओं व गबन की खबरों को लेकर भी विपक्ष आक्रामक रुख अपनाए हुए है।
लोकसभा में आज का एजेंडा
आज लोकसभा में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विकास (संशोधन) विधेयक, 2026 और अन्य विधि (संशोधन) विधेयक, 2026 पर विचार और उन्हें पारित कराने की सूची है। केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी इस विधेयक को सदन में पेश करेंगे।
निजी सदस्य के विधेयक
कांग्रेस सांसद शशि थरूर कश्मीरी पंडितों के पुनर्वास, उनकी संपत्ति की सुरक्षा और सांस्कृतिक धरोहर को बचाने से जुड़ा विधेयक पेश कर सकते हैं। कांग्रेस सांसद के.सी. वेणुगोपाल तटीय राज्यों के मछुआरों के कल्याण और सुरक्षा से जुड़ा विधेयक लाएंगे। नेशनल कॉन्फ्रेंस के सांसद आगा सैयद रुहुल्लाह मेंहदी जम्मू-कश्मीर पब्लिक सेफ्टी एक्ट से जुड़ा संशोधन विधेयक पेश करेंगे।
FCRA विधेयक पर चर्चा
भारी हंगामे और विरोध प्रदर्शनों के बावजूद सरकार 12 अगस्त को संसद में विदेशी अंशदान (नियमन) संशोधन विधेयक, 2026 पर चर्चा करा सकती है। इससे पहले गुरुवार को लोकसभा ने ‘कराधान एवं अन्य कानून (संशोधन) विधेयक, 2026’ पारित किया था।
फरक्का जल संधि
राज्यसभा में बांग्लादेश के साथ फरक्का जल संधि के नवीनीकरण का विरोध किया गया है। जदयू सांसद संजय झा ने केंद्र सरकार से इस संबंध में अपील की है।

