बुलंद सोच, इंदौर।
इंदौर बायपास पर प्रतिदिन के यातायात जाम से निपटने हेतु कनाड़िया रोड जंक्शन पर प्रस्तावित 150 करोड़ रुपए का ‘डबल डेकर ब्रिज’ प्रोजेक्ट तकनीकी अड़चनों और अत्यधिक लागत के कारण रद्द कर दिया गया है। अब कनाड़िया रोड, बिचौली हप्सी और एमआर-9 जंक्शन पर एमआर-10 की तर्ज पर 6-लेन ग्रेड सेपरेटर (अंडरपास) बनाने की तैयारी है।
इंदौर विकास प्राधिकरण (आईडीए) ने राज्य के नगरीय विकास व आवास विभाग के माध्यम से नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) को पत्र भेजकर इस पर सर्वे शुरू करने और निर्माण कराने का आग्रह किया है।
रद्द हुआ 'डबल डेकर'
आईडीए सीईओ डॉ. परीक्षित झाड़े के अनुसार, डबल डेकर ब्रिज अत्यधिक महंगा था और उससे केवल एक चौराहे की समस्या का ही समाधान होता। आईडीए ने कनाड़िया रोड के समानांतर आंतरिक रोड से होते हुए डबल डेकर ब्रिज का प्रारंभिक खाका तैयार किया था, किंतु जांच में यह योजना व्यावहारिक नहीं पाई गई। इस परियोजना पर 150 करोड़ रुपए से अधिक का खर्च आ रहा था और इससे केवल कनाड़िया चौराहे का ही आंशिक समाधान होता।
तकनीकी रूप से 108 मीटर लंबा ऑब्लिगेटरी स्पान देना और कनाड़िया रोड की तरफ एप्रोच बनाना जटिल था।
स्थायी समाधान की आवश्यकता
पूरे बायपास पर सुचारु आवाजाही के लिए एनएचएआई के माध्यम से एमआर-10 जैसा थ्री-टायर ग्रेड सेपरेटर बनाना ही एकमात्र स्थायी उपाय है। आईडीए ने सरकार को भेजी अपनी रिपोर्ट में स्पष्ट किया है कि बायपास की वर्तमान व्यवस्थाएं आगामी 2-3 सालों में पूरी तरह ध्वस्त हो जाएंगी।
वर्तमान में एनएचएआई द्वारा कनाड़िया और बिचौली हप्सी पर बनाए गए 2-लेन बॉक्स टाइप फ्लाईओवर 8-10 साल पुराने यातायात के हिसाब से निर्मित किए गए थे। ये टू-लेन स्ट्रक्चर आज के सामान्य यातायात के लिए भी छोटे पड़ रहे हैं। मांगलिया और देवगुराड़िया की तरफ से आने वाले वाहनों के कारण सर्विस रोड पर प्रतिदिन जाम लग रहा है। आईडीए का सुझाव है कि इन पुराने स्ट्रक्चर्स में सुधार करके या नए सिरे से निर्माण करके ही एमआर-10 जैसी थ्री-टायर व्यवस्था बनाई जा सकती है।
भविष्य में बढ़ेगा ट्रैफिक दबाव
बायपास के दूसरी ओर आईडीए टीपीएस-4, टीपीएस-5 और टीपीएस-9 नाम से 1000 एकड़ से अधिक क्षेत्र में टाउनशिप विकसित कर रहा है। इन टाउनशिप की अंदरूनी सड़कें सीधे बायपास से जुड़ रही हैं, जिससे इन 3 टाउनशिप से ट्रैफिक में 3 गुना वृद्धि होने का अनुमान है।
कनाड़िया और बिचौली हप्सी रोड को मास्टर प्लान के अनुसार चौड़ा किया जा रहा है। इससे नई निजी कॉलोनियों का यातायात सीधे इन जंक्शनों पर आएगा।
नगर निगम बायपास की सर्विस रोड को चौड़ा करने और अंडरग्राउंड यूटिलिटी बिछाने के लिए डीपीआर बना रहा है। बायपास के कंट्रोल एरिया को डिनोटिफाई कर ‘मिक्स लैंड यूज’ (22 मीटर अतिरिक्त चौड़ाई) की मंजूरी मिलने से यहां वाणिज्यिक गतिविधियां बढ़ेंगी।
एमआर-9, कनाड़िया और बिचौली हप्सी जंक्शन पर वर्तमान में करीब 1 लाख वाहन प्रतिदिन गुजरते हैं। इन योजनाओं के बाद लगभग 50 हजार वाहनों का दबाव और बढ़ जाएगा।
इंदौर के कनाड़िया से खजराना गणेश मंदिर तक लिंक रोड निर्माण के लिए खोदाई भी शुरू हो गई है।

