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2026-07-26

मालवा और सोमनाथ-जबलपुर एक्सप्रेस अब निशातपुरा रुकेंगी

bulandsochnews Senior News Reporter

बुलंद सोच, भोपाल।

भोपाल से सफर करने वाले रेल यात्रियों के लिए एक बड़ा बदलाव होने जा रहा है। 28 जुलाई से मालवा एक्सप्रेस और सोमनाथ-जबलपुर एक्सप्रेस अब भोपाल रेलवे स्टेशन की बजाय निशातपुरा रेलवे स्टेशन पर रुकेंगी।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 28 जुलाई को शाम 4:30 बजे निशातपुरा स्टेशन का लोकार्पण करेंगे।
इसके साथ ही, यह भोपाल का चौथा रेलवे स्टेशन बन जाएगा और यहां से नियमित यात्री सेवाएं शुरू हो जाएंगी।
जून 2023 में बनकर तैयार हुए निशातपुरा रेलवे स्टेशन पर सभी आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध होने के बावजूद, लगभग तीन वर्षों तक यात्री ट्रेनों का संचालन शुरू नहीं हो सका था।
भोपाल रेल मंडल के अनुसार, प्रारंभिक चरण में मालवा एक्सप्रेस और सोमनाथ-जबलपुर एक्सप्रेस का नियमित ठहराव निशातपुरा रेलवे स्टेशन पर रहेगा, जिसके बाद इन दोनों ट्रेनों का स्टॉपेज भोपाल रेलवे स्टेशन पर समाप्त कर दिया जाएगा।
रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि जिन लोगों ने पहले से भोपाल रेलवे स्टेशन से इन ट्रेनों में यात्रा के लिए टिकट बुक कराए हैं, वे अब निर्धारित समय पर निशातपुरा रेलवे स्टेशन पहुंचकर ही ट्रेन में सवार हों। यात्रियों को स्टेशन परिवर्तन का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी गई है, ताकि यात्रा के दौरान किसी प्रकार की असुविधा न हो।

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यात्रियों की चिंताएं

मालवा एक्सप्रेस मध्य प्रदेश के श्रद्धालुओं के लिए सबसे महत्वपूर्ण ट्रेनों में गिनी जाती है, क्योंकि भोपाल और आसपास के क्षेत्रों से हर सीजन हजारों श्रद्धालु इसी ट्रेन से माता वैष्णो देवी और अमरनाथ यात्रा के लिए रवाना होते हैं।
ऐसे में, ट्रेन का ठहराव भोपाल स्टेशन से हटाकर निशातपुरा किए जाने से यात्रियों की चिंता बढ़ गई है, क्योंकि श्रद्धालुओं का कहना है कि उन्हें अब स्टेशन तक पहुंचने में पहले की तुलना में अधिक समय और खर्च दोनों उठाने पड़ेंगे।
यात्रियों का यह भी कहना है कि निशातपुरा स्टेशन तक पहुंचने वाला अप्रोच रोड पहले से ही ट्रैफिक जाम की समस्या से जूझता है, जिसके लिए नादरा बस स्टैंड, छोला रोड और अन्य भारी यातायात वाले इलाकों से होकर गुजरना पड़ता है।
इस स्थिति में, ट्रैफिक के कारण समय पर ट्रेन पकड़ना चुनौती बन सकता है, और भोपाल रेलवे स्टेशन की तुलना में निशातपुरा तक पहुंचने के लिए ऑटो और अन्य सार्वजनिक परिवहन का किराया भी अधिक देना पड़ सकता है।

रेलवे को लाभ और सुविधाएं

रेलवे अधिकारियों का कहना है कि निशातपुरा स्टेशन शुरू होने से आसपास के क्षेत्रों के हजारों यात्रियों को सुविधा मिलेगी और मुख्य भोपाल रेलवे स्टेशन पर यात्रियों का दबाव भी कम होगा।
भोपाल रेल मंडल के जनसंपर्क अधिकारी नवल अग्रवाल के अनुसार, स्टेशन पूरी तरह तैयार है और सभी आवश्यक मंजूरियां मिलने के बाद अब इसे नियमित संचालन के लिए खोला जा रहा है।
लंबे समय तक परिचालन शुरू नहीं होने के कारण स्थानीय लोग इसे ‘भूतिया रेलवे स्टेशन’ कहने लगे थे, लेकिन 28 जुलाई से यहां भी ट्रेनों और यात्रियों की आवाजाही शुरू हो जाएगी।
निशांतपुरा स्टेशन शुरू होने पर भोपाल रेलवे स्टेशन का लोड तो कम होगा ही, साथ में कुछ नई ट्रेनें भी शुरू हो सकती हैं, जिससे सुबह-शाम के वक्त मालवा एक्सप्रेस सहित कुछ गाड़ियों की आवाजाही आसान हो सकेगी।
भोपाल स्टेशन पर रोजाना करीब 230 ट्रेनें अप-डाउन में गुजरती हैं और यहां रोजाना 45 हजार यात्री गुजरते हैं।
रेलवे अधिकारियों ने बताया कि कुछ ट्रेनें निशातपुरा से होकर इंदौर-उज्जैन के अलावा बीना-गुना के लिए चलती हैं, जिनका स्टॉपेज भोपाल होने के कारण उन्हें भोपाल लाना पड़ता है, जहां इंजन बदले जाते हैं।
इस प्रक्रिया में 45 मिनट तक लगते हैं, और तब तक इंजनों के मूवमेंट से लूप लाइनें व मेन लाइनें व्यस्त हो जाती हैं, जिससे दूसरी ट्रेनें प्रभावित होती हैं।

निशातपुरा स्टेशन की श्रेणी

भोपाल में निशातपुरा स्टेशन को एनएसजी-3 कैटेगरी में कर दिया गया है, जिसके चलते पब्लिक अनाउंसमेंट सिस्टम को अपग्रेड किया जा रहा है।
जानकारी के अनुसार, निशातपुरा स्टेशन को 2017 से पहले सी कैटेगरी में रखा गया था, लेकिन स्टेशनों के वर्गीकरण के मानदंडों को नवंबर 2017 से संशोधित किया गया है।
नए वर्गीकरण के अनुसार, स्टेशनों के वर्गीकरण के लिए वहां आने वाले यात्रियों की संख्या को ध्यान में रखा गया है, और स्टेशनों को तीन समूहों में बांटा गया है: गैर-उपनगरीय (एनएसजी), उपनगरीय (एसजी), और हाल्ट (एचजी), जिन्हें क्रमशः 1-6, 1-3 और 1-3 ग्रेड में रखा गया है।