बुलंद सोच, भोपाल।
राजधानी भोपाल में फर्जी पुलिस बनकर वाहन चेकिंग के नाम पर राहगीरों से वसूली करने वाले दो युवकों को गुरुवार रात लोगों ने पकड़ा। शाहपुरा में लोगों को उनकी गतिविधियां संदिग्ध लगीं, जिसके बाद उन्होंने घेरकर पूछताछ की और पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया।
ये युवक ‘पुलिस’ लिखी गाड़ी से सिविल ड्रेस में बिना हेलमेट बाइक सवारों का पीछा करते थे। वे चालान और कानूनी कार्रवाई का डर दिखाकर रुपये ऐंठते थे। जो चालक नहीं रुकता था, उसे नकली रिवाल्वर दिखाकर डराते थे।
आरोपितों की पहचान अशोका गार्डन क्षेत्र निवासी अमान खान और कार्तिक मिश्रा के रूप में हुई है। तलाशी के दौरान अमान के पास से एक नकली पिस्टल बरामद की गई।
घटना के दौरान मौजूद लोगों ने दोनों का वीडियो बनाया। वीडियो में अमान ने खुद को कोहेफिजा थाने में पदस्थ बताया, लेकिन पहचान पत्र दिखाने में असमर्थ रहा। पुलिस पहुंचने पर दोनों ने कहा कि वे केवल “प्रैंक” कर रहे थे, लेकिन पुलिस ने इस दावे को खारिज कर दिया। शाहपुरा थाना प्रभारी ने भी बताया कि मौके पर पहुंचने पर दोनों ने कोहेफिजा थाने में पदस्थ होने का दावा किया था, पर पहचान पत्र नहीं दे सके। इसके बाद उन्होंने नया बहाना बनाया कि वे “प्रैंक” कर रहे थे।
जांच में सामने आया है कि रीवा निवासी कार्तिक मिश्रा बीएएलएलबी का छात्र है और उसके पिता शासकीय स्कूल में प्राचार्य हैं। वहीं, दमोह निवासी अमान खान एक आईटी कंपनी में एचआर के पद पर कार्यरत है और उसके पिता नगर निगम में अधिकारी हैं।
पुलिस मामले की जांच कर रही है और दोनों की कॉल डिटेल निकलवाई जा रही है। पुलिस यह पता लगा रही है कि क्या वे इसी तरह पहले भी फर्जी पुलिस बनकर लोगों से वसूली करते रहे हैं। अमान पर पहले से मारपीट का एक मामला दर्ज है, जबकि कार्तिक का आपराधिक रिकॉर्ड भी खंगाला जा रहा है।

