बुलंद सोच, भोपाल।
केंद्रीय जेल भोपाल प्रशासन ने हमीदिया अस्पताल में भर्ती जालसाजी के आरोपित किशन मोदी को कथित तौर पर वीआईपी सुविधाएँ दिए जाने के मामले में सख्त कार्रवाई की है। केंद्रीय जेल भोपाल के अधीक्षक ने ड्यूटी में लापरवाही बरतने के आरोप में जेल प्रहरी सुदीप शर्मा और एमके मांझी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इसके साथ ही, पूरे मामले की जांच के निर्देश भी जारी किए गए हैं।
आरोपित किशन मोदी और आरोप
जय श्री गायत्री फूड प्रोडक्ट्स (‘मिल्क मैजिक’) के प्रबंध निदेशक (एमडी) किशन मोदी पर दूध में पाम आयल मिलाकर 19.69 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी करने का आरोप है। बताया जाता है कि वह लगभग 600 करोड़ रुपये के कारोबार से जुड़ा है। किशन मोदी 13 मार्च से केंद्रीय जेल भोपाल में बंद है। उसे हृदय रोग के उपचार के नाम पर 4 जुलाई से हमीदिया अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
सुरक्षा नियमों की अनदेखी
अस्पताल में भर्ती रहने के दौरान सुरक्षा व्यवस्था में गंभीर लापरवाही सामने आई। आरोपित अस्पताल के बेड पर मोबाइल फोन का इस्तेमाल करता पाया गया। उसके लिए बाहर से भोजन और बोतलबंद पानी भी लाया जा रहा था। वहीं, सुरक्षा में तैनात जेल प्रहरी निगरानी करने के बजाय बेंच पर आराम करते हुए दिखाई दिए। इस घटना के बाद अस्पताल में कैदियों की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठने लगे हैं।
स्वास्थ्य रिपोर्ट का इंतजार
जेल प्रबंधन किशन मोदी की स्वास्थ्य स्थिति को लेकर हमीदिया अस्पताल से दो बार फीडबैक मांग चुका है। हालांकि, अब तक अस्पताल की ओर से कोई जवाब नहीं मिला है। इस संबंध में जब हमीदिया अस्पताल के डॉ. प्रवीण शर्मा से संपर्क करने का प्रयास किया गया, तो उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया।

