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2026-08-10

भोपाल में 24 घंटे में साइबर ठगी के 6 मामले, वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी भी शिकार

bulandsochnews Senior News Reporter

बुलंद सोच, भोपाल।

भोपाल में साइबर ठग अब लोगों को ठगने के लिए केवल फर्जी लिंक और बैंक अधिकारी बनकर फोन करने तक सीमित नहीं हैं। शहर में 24 घंटे के भीतर सामने आए अलग-अलग मामलों में ठगों ने मोबाइल हैक करने, रिश्तेदार की फर्जी आईडी बनाने, गेम के जरिए एपीके फाइल भेजने और घर बैठे नौकरी का लालच देने जैसे विभिन्न तरीकों का इस्तेमाल किया। इन मामलों में एक वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी भी साइबर ठगी का शिकार हो गए हैं। पुलिस ने शिकायतों के आधार पर प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी के साथ ठगी

वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी राहुल जैन (39) के मोबाइल को हैक कर साइबर ठगों ने उनके दो बैंक खातों से करीब 99,006 रुपये ट्रांसफर कर लिए। राहुल जैन ने पुलिस को बताया कि वे पुराने सचिवालय स्थित विकासखंड फंदा कार्यालय में ड्यूटी पर थे। दोपहर करीब 12:45 बजे उनका मोबाइल अपने आप अपडेट होने लगा, जिसे उन्होंने सामान्य अपडेट समझा। करीब 3:15 बजे मोबाइल सामान्य हुआ, लेकिन अपडेट के दौरान आए कॉल और वाट्सएप मैसेज दिखाई नहीं दे रहे थे। घर पहुंचने पर किरायेदार ने फोन कर बताया कि उसने किराया उनके खाते में भेजा है। बैलेंस चेक करने पर पता चला कि अशोक कुमार नाम के व्यक्ति ने 23 हजार और 26 हजार रुपये, कुल 49 हजार रुपये उनके खाते में भेजे थे। इसके बाद खाते में मौजूद रकम मिलाकर करीब 99,006 रुपये आरएस इंटरप्राइजेस में ट्रांसफर हो गए। इसके बाद उनके यूको बैंक खाते से भी 99,006 रुपये बादशाह नाम के व्यक्ति के खाते में ट्रांसफर किए गए। पुलिस दोनों लेनदेन से जुड़ी रकम और खाताधारकों की जानकारी जांच रही है।

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रिश्तेदार की फर्जी आईडी बनाकर ठगी

मयूर विहार, अशोका गार्डन निवासी आशिया निशा (38) के साथ ठग ने उनके जेद्दा में रहने वाले कजन शोएब अली की फर्जी आईडी बनाकर संपर्क किया। आरोपित ने मैसेज किया कि उसका वीजा खत्म हो गया है और वह वीजा कार्यालय में फंसा है, इसलिए पैसों की जरूरत है। उसने पहले आशिया से खाते की पासबुक की फोटो मांगी और फिर फर्जी मैसेज भेजकर बताया कि खाते में 3.15 लाख रुपये डाल दिए हैं। आरोपित ने कहा कि उसे मुंबई में किसी व्यक्ति को भुगतान करना है और उसके भेजे पैसों में से रकम ट्रांसफर कर दें। आशिया ने पति साजिद खान की मदद से पहले 20 हजार और फिर 30 हजार, कुल 50 हजार रुपये ऑनलाइन भेज दिए। फोन पर बात करने को कहा तो आरोपित ने खुद को वीजा कार्यालय में होना बताते हुए मना कर दिया। बाद में पता चला कि यह फर्जी आईडी बनाकर की गई ठगी थी।

गेम के दौरान एपीके फाइल से धोखाधड़ी

अशोका गार्डन निवासी मंदा सरदार ने शिकायत में बताया कि उनकी 11 वर्षीय नातिन अनायरा मोबाइल पर गेम खेल रही थी। गेम के दौरान उसके मोबाइल पर एक एपीके फाइल आई, जिस पर क्लिक करने के बाद खाते से ऑनलाइन लेनदेन शुरू हो गए। मंदा सरदार उस समय काम में व्यस्त थीं, इसलिए तत्काल ध्यान नहीं गया। मोबाइल देखने पर पता चला कि खाते से करीब 49,866 रुपये कट चुके हैं। सभी ट्रांजेक्शन ऑनलाइन किए गए हैं।

घर बैठे नौकरी का लालच देकर ठगी

सेमरा कलां निवासी 18 वर्षीय प्रियंका अहिरवार को इंस्टाग्राम पर घर बैठे काम का विज्ञापन दिखा। संपर्क करने पर वाट्सएप के जरिए उसे सात दिन तक बुक राइटिंग करने के बाद भुगतान देने का झांसा दिया गया। रजिस्ट्रेशन के नाम पर पहले 499 रुपये, फिर 299-299 रुपये लिए गए। इसके बाद बुक उपलब्ध कराने के नाम पर लगातार रकम मांगी गई। इस तरह अलग-अलग किश्तों में युवती से करीब 2 लाख रुपये ले लिए गए। जब उसने अपनी सैलरी मांगी तो आरोपित ने कहा कि सैलरी अटक गई है और उसे छुड़ाने के लिए और पैसे देने होंगे। तब उसे ठगी का अहसास हुआ। प्रियंका का कहना है कि उसके पिता प्राइवेट नौकरी करते हैं और उसकी शादी के लिए जो एफडी तुड़वाई थी, उसी रकम को ठगों ने ऐंठ लिया।

मोबाइल हैक कर महिला से धोखाधड़ी

बागसेवनिया क्षेत्र की शिल्पी जैन (33) ने शिकायत में बताया कि उनके फोन को हैक कर सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के खाते से 2,49,001 रुपये की ऑनलाइन धोखाधड़ी की गई। 1 अगस्त को दोपहर करीब 12 बजे उन्होंने खाते का बैलेंस चेक किया तो रकम कम मिली। इसके बाद बैंक जाकर स्टेटमेंट निकलवाया और खाते से हुए संदिग्ध लेनदेन की जानकारी सामने आई।