बुलंद सोच, भोपाल।

भोपाल में शनिवार को रहवासी इलाकों में व्यावसायिक गतिविधियों के खिलाफ नगर निगम की कार्रवाई का असर उम्मीद से कहीं बड़ा दिखा। नगर निगम, जिला प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीम अरेरा कॉलोनी, 10 नंबर मार्केट और रोहित नगर में 19 प्रतिष्ठानों को बंद कराने निकली थी, लेकिन कुल 65 प्रतिष्ठानों ने स्वयं ही अपनी व्यावसायिक गतिविधियां बंद कर दीं।
कई प्रतिष्ठानों के शटर पर ‘भोपाल नगर निगम के आदेशानुसार इस भवन में व्यावसायिक गतिविधियां बंद कर दी गई हैं’ का बैनर लगा था। ज्यादातर जगहों पर निगम को ताला लगाने की आवश्यकता नहीं पड़ी। जिन प्रतिष्ठानों को अंतिम नोटिस दिए गए थे, उनमें से कई कारोबारियों ने टीम के पहुंचने से पहले ही शटर गिरा दिए थे, जबकि कुछ अन्य ने समझाइश के बाद बंद कर दिया।
यह भोपाल में पहली बार इतने बड़े स्तर पर की गई कार्रवाई थी। नगर निगम ने प्रतिष्ठान बंद करने वाले कारोबारियों से पंचनामा भी भरवाया, जिसमें उन्होंने लिखित रूप से आश्वासन दिया कि वे सक्षम मंजूरी के बिना दोबारा परिसर का व्यावसायिक उपयोग नहीं करेंगे। यदि फिर से कमर्शियल गतिविधि शुरू की गई तो निगम कार्रवाई कर सकेगा।
हालांकि, अभी अस्पताल, मेडिकल स्टोर और बैंकों को इस कार्रवाई से छूट दी गई है।
निगम उपायुक्त हर्षित गुप्ता ने बताया कि नगर निगम को सुप्रीम कोर्ट में एक्शन टेकन रिपोर्ट और स्टेटस रिपोर्ट पेश करनी है, जिसके लिए डेढ़ महीने पहले से नोटिस दिए जा रहे हैं। इसके लिए फोटो, वीडियो, पंचनामे और अन्य साक्ष्य तैयार किए जा रहे हैं।
इधर, जहांगीराबाद की बरखेड़ी रोड पर आवासीय भवन में संचालित ऑटो पार्ट्स शॉप के मामले में हाई कोर्ट ने अंतरिम राहत देने से इनकार कर दिया। कोर्ट ने कहा कि नगर निगम स्पीकिंग ऑर्डर के आधार पर कार्रवाई के लिए स्वतंत्र है।
नगर निगम अब तक कुल 1018 प्रतिष्ठानों को नोटिस जारी कर चुका है, जिनमें अरेरा कॉलोनी के ई-1 से ई-5 तक के 169 और ई-6 से रोहित नगर तक के 260, यानी कुल 429 प्रतिष्ठान शामिल हैं। इन प्रतिष्ठानों में से 19 को अंतिम नोटिस दिया जा चुका था, जबकि 61 अन्य के नोटिस भी वितरण के लिए तैयार हैं।
शेष मामलों में अस्पताल, मेडिकल स्टोर और बैंक को फिलहाल छूट दी गई है। नगर निगम ने स्पष्ट किया है कि यह कार्रवाई रविवार को भी जारी रहेगी।

