बुलंद सोच, भोपाल।

सुप्रीम कोर्ट की सख्ती और प्रदेश सरकार पर अवमानना की संभावित कार्रवाई के बीच प्रशासनिक स्तर पर हलचल तेज हो गई है। अपर मुख्य सचिव (एसीएस) संजय दुबे और नगर निगम आयुक्त संस्कृति जैन दिल्ली रवाना हुए हैं।
ये अधिकारी गुरुवार को सॉलिसिटर जनरल से मुलाकात कर सुप्रीम कोर्ट में पेश की जाने वाली मूल फाइलों पर चर्चा करेंगे। कोर्ट के निर्देशानुसार, चार सप्ताह की अवधि में संबंधित दस्तावेज पेश किए जाने हैं।
अधिकारी यह समझने और तय करने के लिए सॉलिसिटर जनरल से मार्गदर्शन लेंगे कि कोर्ट के समक्ष कौन-सी मूल फाइलें और दस्तावेज प्रस्तुत किए जाएं। सरकार कोर्ट के आदेश के पालन को लेकर अपना पक्ष स्पष्ट करना चाहती है, क्योंकि कार्रवाई में देरी या आदेश के अनुपालन को लेकर सुप्रीम कोर्ट पहले ही अवमानना की बात कह चुका है।
सीलिंग कार्रवाई की स्थिति
रहवासी क्षेत्रों में व्यावसायिक गतिविधियों के खिलाफ नगर निगम की सीलिंग कार्रवाई अब कानूनी पेच में फंसती नजर आ रही है। व्यापारियों के बढ़ते विरोध और सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बीच नगरीय प्रशासन विभाग के अपर मुख्य सचिव संजय दुबे और नगर निगम आयुक्त संस्कृति जैन सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता से मुलाकात करने दिल्ली पहुंचे हैं।
सूत्रों के अनुसार, बैठक में सीलिंग कार्रवाई को लेकर सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुपालन, कार्रवाई की मौजूदा स्थिति और आगे की कानूनी राह पर चर्चा की गई। निगम के सामने कार्रवाई जारी रखने और व्यापारियों के विरोध से उत्पन्न स्थिति को संभालने की चुनौती है।
नगर निगम की कार्रवाई की रफ्तार भी धीमी पड़ गई है। बुधवार को शहरभर में केवल 25 प्रतिष्ठानों को बंद कराया जा सका।
आगामी कानूनी राह और व्यापारियों की मांग
सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के तहत, नगर निगम को आवासीय क्षेत्रों में नियम विरुद्ध संचालित व्यावसायिक गतिविधियों पर कार्रवाई करनी है और 15 सितंबर को अनुपालन रिपोर्ट पेश करनी है।
ऐसे में निगम यह समझने का प्रयास कर रहा है कि कार्रवाई की गति, व्यावहारिक समाधान या किसी वैकल्पिक व्यवस्था की स्थिति में सुप्रीम कोर्ट के सामने किस प्रकार पक्ष रखा जा सकता है।
व्यापारी सीलिंग रोकने के साथ ही मास्टर प्लान, मिश्रित भू-उपयोग और नियमितीकरण जैसे विकल्पों से समाधान की मांग कर रहे हैं। दिल्ली की मुलाकात के बाद अब यह देखा जा रहा है कि निगम को आगे कार्रवाई जारी रखने के लिए क्या कानूनी रास्ता मिलता है।
सूत्रों के मुताबिक, व्यापारियों के लगातार बढ़ते विरोध के बाद सरकार के स्तर पर भी इस मामले को लेकर विचार-विमर्श शुरू हो गया है। हालांकि, कार्रवाई रोकने का कोई लिखित आदेश सामने नहीं आया है।
सीलिंग अभियान का ताजा आंकड़ा
सीलिंग अभियान के शुरुआती दिनों में तेजी से कार्रवाई के बाद, पिछले 48 घंटों में नगर निगम ने न तो कोई नया 24 घंटे का नोटिस जारी किया है और न ही कोई नई संपत्ति सील की है।
बुधवार को 25 प्रतिष्ठानों के स्वेच्छा से कारोबार बंद करने के पंचनामे बनाए गए।
अब तक निगम कुल 8,264 नोटिस जारी कर चुका है। कुल 195 प्रतिष्ठानों को बंद कराया गया है, जिनमें से सात संपत्तियां सील की गई हैं, जबकि 188 मामलों में कारोबारियों के स्वेच्छा से कारोबार बंद करने के बाद पंचनामा बनाया गया है।
विरोध प्रदर्शन के दौरान तनाव
प्रदर्शन के दौरान कुछ युवक बंद में शामिल न होने वाली एक शराब दुकान और बाद में एक पेट्रोल पंप को बंद कराने के लिए हाथ में पत्थर लेकर पहुंच गए।
इससे कुछ देर के लिए तनाव की स्थिति निर्मित हुई। हालांकि, पुलिस के पहुंचने पर स्थिति नियंत्रण में आ गई और पथराव की घटना नहीं हुई।
कोलार थाना प्रभारी संजय सोनी ने पुष्टि की कि कुछ युवक पत्थर लेकर पहुंचे थे, लेकिन पथराव नहीं हुआ।

