बुलंद सोच, सतना।

जिले के कई हिस्सों में लगातार हुई भारी बारिश के कारण उत्पन्न बाढ़ और जलभराव की स्थिति के मद्देनजर जिला प्रशासन ने राहत एवं बचाव अभियान तेज कर दिया है। प्रभावित परिवारों तक भोजन, तिरपाल और चिकित्सा सुविधा पहुँचाने के साथ ही बारिश और बाढ़ से हुए नुकसान का आकलन कर आर्थिक सहायता भी प्रदान की जा रही है। अब तक 434 प्रभावित आवासों के लिए ₹18 लाख 1 हज़ार रुपये की सहायता स्वीकृत कर वितरित की जा चुकी है। राहत कार्यों की निगरानी के लिए राजस्व, स्वास्थ्य, खाद्य और नगरीय निकाय सहित संबंधित विभागों के अमले को प्रभावित क्षेत्रों में सक्रिय रखा गया है। प्रशासन ने बताया कि बाढ़ की स्थिति और प्रभावित परिवारों की ज़रूरतों पर लगातार नज़र रखी जा रही है तथा पात्र परिवारों को शासन के प्रावधानों के तहत जल्द से जल्द सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
भोजन एवं स्वास्थ्य सेवाएँ
बाढ़ प्रभावित लोगों को तत्काल भोजन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से राहत शिविरों और प्रभावित इलाकों में फूड पैकेट वितरित किए जा रहे हैं। अब तक कुल 14,700 फूड पैकेट वितरित किए जा चुके हैं। प्रशासन ऐसे परिवारों तक भोजन पहुँचाने पर केंद्रित है, जिनका आवागमन अथवा सामान्य जीवन बाढ़ और जलभराव के कारण प्रभावित हुआ है। बाढ़ प्रभावित चित्रकूट में स्वास्थ्य विभाग की टीमें लगातार सक्रिय हैं। यहाँ 2,730 लोगों का व्यक्तिगत स्वास्थ्य परीक्षण किया गया है, जबकि 483 परिवारों का गहन स्वास्थ्य परीक्षण हुआ है। पूरे जिले में अब तक लगभग 6,125 लोगों की स्वास्थ्य जाँच की जा चुकी है। प्रभावित क्षेत्रों में बीमारी की आशंका को देखते हुए स्वास्थ्य टीमें उपचार और चिकित्सकीय परामर्श भी दे रही हैं। बारिश से बचाव के लिए प्रशासन ने प्रभावित मकानों और दुकानों को तत्काल सुरक्षा प्रदान करने हेतु 2,368 पॉलीथिन एवं तिरपाल वितरित किए हैं।
सामुदायिक सहयोग
चित्रकूट में आई भीषण बाढ़ से उत्पन्न संकट के बीच जिला प्रशासन के साथ-साथ समाजसेवी संस्थाएँ, एनजीओ, व्यापारी संगठन, जनप्रतिनिधि और आमजन भी राहत कार्यों में सक्रिय रूप से जुटे हैं। इन सामूहिक प्रयासों से प्रभावित परिवारों तक भोजन, राशन, कपड़े, तिरपाल और आवश्यक सामग्री पहुँचाई जा रही है, जिससे बाढ़ प्रभावित लोगों को लगातार राहत मिल रही है। चित्रकूट में एग्रीकल्चर मर्चेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष रामचरण गुप्ता एवं उनकी टीम ने दो लोडिंग वाहनों से 125 राशन किट तथा कपड़े, धोती, कुर्ता, साड़ी, रजाई, गद्दे, चटाई और बच्चों के कपड़े वितरित किए हैं। प्रिज्म सीमेंट ने 100 तगाड़ी, 100 बेलचा-फावड़ा, कंबल, कपड़े और साड़ी के साथ 500 से अधिक तिरपाल उपलब्ध कराए हैं। पीआईयू ने भी तगाड़ी, बेलचा और फावड़े उपलब्ध कराए हैं। राहत कार्यों के तहत सेवा संकल्प द्वारा पिछले तीन दिनों में 5000 फूड पैकेट वितरित किए गए हैं। अनुपमा सोसायटी प्रतिदिन 500 से 700 पैकेट उपलब्ध करा रही है, जबकि सदगुरु सेवा संस्थान एवं आचार्य विपुल पाण्डेय की ओर से 5000 पैकेट उपलब्ध कराए गए हैं। प्रतिदिन लगभग 2200 लोगों को बैठाकर भोजन कराया जा रहा है, और दीनदयाल रसोई से भी प्रतिदिन 2000 पैकेट वितरित किए जा रहे हैं।
विभिन्न तहसीलों में राहत कार्य
सोहावल जनपद की ग्राम पंचायत गुलुआ में प्रभावितों के लिए रात्रिकालीन भोजन की व्यवस्था की गई है। मझगवां में मकान सामग्री क्षति के 42 प्रकरणों में ₹2.10 लाख रुपये की सहायता स्वीकृत हुई है। रामपुर बाघेलान में 856 परिवार प्रभावित हुए हैं और 113 प्रकरणों में ₹5.90 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं। बिरसिंहपुर के पाँच राहत शिविरों में लगभग 400 लोग ठहरे हुए हैं। कोठी तहसील में 55 प्रकरणों में ₹2.20 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं। यहाँ पाँच राहत शिविरों में 132 परिवारों को राहत दी गई तथा 70 क्विंटल खाद्यान्न वितरित हुआ। सुहास और रगोली में दो राहत शिविर चल रहे हैं, जहाँ 90 परिवारों को 35 क्विंटल गेहूँ-चावल दिया गया है। रगोली में 29 अगस्त से प्रतिदिन 240 फूड पैकेट पहुँचाए जा रहे हैं, जबकि सुहास में 270 लोगों को भोजन-नाश्ता कराया गया है। कुंज बिहारी आश्रम जानकीकुंड में बाढ़ में फँसे साधु-संतों के लिए भी भोजन की व्यवस्था की गई है।

