बुलंद सोच, भोपाल।
टीटी नगर स्टेडियम के सामने स्थित भोपाल स्मार्ट सिटी हाट बाजार का निर्माण हुए चार वर्ष भी नहीं बीते हैं, और निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठने लगे हैं। लगभग 50 करोड़ रुपये की लागत से स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत 400 से अधिक दुकानों वाला यह तीन मंजिला भवन बनाया गया था। अब भवन की दीवारों में बीम और कॉलम का साथ छोड़ने के कारण जगह-जगह बड़ी-बड़ी दरारें साफ दिखाई दे रही हैं। भवन की पुताई भी पपड़ी बनकर उखड़ने लगी है। लिफ्ट चालू नहीं होने और अधिकांश दुकानें बंद रहने के कारण शटरों व लिफ्ट के पास पीपल के पौधे उग आए हैं।
परिसर का दुरुपयोग
हाट बाजार परिसर शाम होते ही शराबियों का अड्डा बन जाता है। यहां जगह-जगह, कोनों और सीढ़ियों पर शराब की खाली बोतलें तथा खाने-पीने का सामान बिखरा दिखाई देता है। छत पर पार्टी करने के लिए अस्थायी चूल्हा भी बनाया गया है।
सफाई व्यवस्था की स्थिति
बाजार की सफाई व्यवस्था की स्थिति भी चिंताजनक है। तीन मंजिला हाट बाजार में 400 से अधिक दुकानें हैं, लेकिन सफाई के लिए केवल एक ही कर्मचारी तैनात है, जिसके जिम्मे पूरे परिसर की सफाई है। बाजार की दीवारें, कोने और दुकानों के शटर पान-गुटखे की पीक से भरे हुए हैं। कई लोग शौचालय जाने के बजाय भवन के अंदर खुले स्थानों, दीवारों और शटरों के पास ही पेशाब कर देते हैं।
दुकानदारों की अनिच्छा
स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत जवाहर चौक से हटाए गए निगम के 140 आवंटी दुकानदारों के साथ नए दुकानदार भी इन दुकानों में आने को तैयार नहीं हैं। दुकानदारों का कहना है कि दुकानें बहुत छोटी हैं, जिससे व्यापार करना मुश्किल है। उनके अनुसार, मुख्य सड़क की ओर स्थित दुकानें तो ठीक हैं, लेकिन अंदर की दुकानों में शटर के बाहर सामान रखना भी कठिन है। व्यापारियों का यह भी कहना है कि दूसरी और तीसरी मंजिल की दुकानों का कल्चर नहीं है, ग्राहक ऊपर नहीं आता।
यातायात बाधित
हाट बाजार बनने तक निगम के 140 आवंटी दुकानदारों को सड़क किनारे व्यापार करने के लिए अस्थायी दुकानें दी गई थीं। इन दुकानदारों की शिफ्टिंग अब तक नहीं हुई है, जिससे संकरी सड़क पर रोज जाम लग जाता है।
