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2026-08-06

दतिया उपचुनाव हार: भाजपा ने जिला संगठन पूरी तरह भंग किया, भीतरघात पर कार्रवाई

bulandsochnews Senior News Reporter

बुलंद सोच, भोपाल।

दतिया विधानसभा उपचुनाव में कांग्रेस से मिली हार के बाद प्रदेश भाजपा ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दतिया जिला संगठन को पूरी तरह भंग कर दिया है। यह फैसला उपचुनाव के दौरान कथित भीतरघात और गुटबाजी पर प्रदेश नेतृत्व की सख्त कार्रवाई के रूप में देखा जा रहा है।

समीक्षा बैठक और आरोप

मंगलवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष ने भोपाल में उपचुनाव परिणामों की विस्तृत समीक्षा के लिए बैठक बुलाई थी। इस बैठक में दतिया से भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी, कोर कमेटी के सदस्य और प्रदेश पदाधिकारी मौजूद रहे। करीब दो घंटे तक चली इस समीक्षा बैठक में हार के कारणों पर लंबी चर्चा हुई। सूत्रों के अनुसार, इसी दौरान भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी ने स्थानीय स्तर पर पार्टी के भीतर कथित तोड़फोड़ का मुद्दा उठाया। उन्होंने कई जिला पदाधिकारियों और प्रभावशाली नेताओं पर चुनाव के दौरान निष्क्रिय रहने तथा पार्टी के खिलाफ काम करने के आरोप लगाए। आशुतोष तिवारी ने अपने आरोपों के समर्थन में व्हाट्सएप चैट, कॉल रिकॉर्ड और अन्य दस्तावेज भी प्रदेश नेतृत्व के समक्ष प्रस्तुत किए।

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संगठन भंग करने का आदेश

मंगलवार दोपहर भोपाल में हुई समीक्षा बैठक के तुरंत बाद और शाम होते-होते प्रदेश कार्यालय से दतिया जिला संगठन को भंग करने का आदेश जारी कर दिया गया। प्रदेश नेतृत्व ने जिला भाजपा कार्यकारिणी के साथ-साथ युवा मोर्चा, महिला मोर्चा, किसान मोर्चा, अनुसूचित जाति मोर्चा, पिछड़ा वर्ग मोर्चा, अल्पसंख्यक मोर्चा तथा अन्य सभी प्रकोष्ठों की जिला इकाइयों को तत्काल प्रभाव से भंग करने के आदेश जारी किए।

दोषियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई

बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में आशुतोष तिवारी ने कहा कि उन्होंने सिर्फ सच बोला है। उन्होंने यह भी कहा कि जो लोग मंच पर भाजपा की जय बोलते हैं और भीतर जाकर पार्टी को नुकसान पहुंचाते हैं, उनकी जगह भाजपा में नहीं है। आशुतोष तिवारी ने प्रदेश नेतृत्व के इस फैसले को साहसिक और समय पर लिया गया बताया। उन्होंने यह भी कहा कि उपचुनाव में कार्यकर्ताओं ने पूरी मेहनत की, लेकिन कुछ लोगों की नकारात्मक सोच के कारण चुनाव परिणाम प्रभावित हुआ। प्रदेश नेतृत्व ने कहा है कि दतिया उपचुनाव को लेकर रिपोर्ट प्राप्त हो चुकी है। प्रदेश नेतृत्व दोषियों की पहचान कर रहा है और आने वाले दिनों में उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। इस बड़े फैसले के बाद दतिया भाजपा में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। पूर्व गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा के समर्थक माने जाने वाले कई पदाधिकारी सकते में हैं। वहीं, पार्टी के जमीनी कार्यकर्ताओं ने इस कार्रवाई का स्वागत किया है। उनका कहना है कि अब संगठन में उन कार्यकर्ताओं को मौका मिलना चाहिए, जिन्होंने चुनाव के दौरान पूरी निष्ठा से काम किया। प्रदेश नेतृत्व का यह कदम इस बात का संकेत माना जा रहा है कि 2028 के विधानसभा चुनाव से पहले संगठन को मजबूत करने और अनुशासन बनाए रखने के लिए भाजपा अब सख्त रुख अपनाने के मूड में है।