बुलंद सोच, गंजबासौदा।
विदिशा जिले की गंजबासौदा तहसील के पड़रिया शिवरामपुर गांव में 26 जुलाई की रात करीब साढ़े आठ बजे एक पिता द्वारा अपने 12 वर्षीय बेटे के साथ क्रूरता का मामला सामने आया है। आरोपी तूफान सिंह (39) शराब के नशे में घर आया था।
बताया गया कि घर में बच्चों के खेलने से नाराज होकर तूफान सिंह ने पहले अपने कक्षा 6 में पढ़ने वाले बेटे की बेरहमी से पिटाई की। इसके बाद उसने बच्चे के हाथ-पैर रस्सी से बांध दिए।
आरोपी ने रस्सी का दूसरा सिरा अपनी बाइक के पीछे बांधकर बच्चे को करीब 100 मीटर तक सड़क पर घसीटा। इस दौरान बच्चा “छोड़ दो पापा” कहकर गिड़गिड़ाता रहा, लेकिन नशे में धुत पिता नहीं रुका।
ग्रामीणों ने बच्चे को बचाया
बच्चे की चीखें सुनकर और उसे खून से लथपथ देखकर गांव के सरपंच लक्ष्मण सिंह दांगी की नजर पड़ी। उन्होंने तुरंत ग्रामीणों को इकट्ठा किया।
ग्रामीणों ने मौके पर पहुंचकर बाइक रुकवाई और बच्चे को बचाया। उन्होंने आरोपी की पिटाई भी की। घटना का वीडियो भी ग्रामीणों ने बनाया था, जो बाद में सामने आया।
बच्चे की हालत और उपचार
सरपंच और ग्रामीणों ने घायल बच्चे को तत्काल अस्पताल पहुंचाया। बच्चे के चेहरे, मुंह, दोनों हाथों और पैरों पर गंभीर चोटें आई थीं। सबसे ज्यादा चोट मुंह पर लगी थी।
बच्चे की हालत नाजुक होने के कारण उसे प्राथमिक उपचार के बाद भोपाल रेफर कर दिया गया।
आरोपी का पारिवारिक पृष्ठभूमि
घर में मौजूद आरोपी के अन्य बच्चों को भी सुरक्षित निकालकर अस्पताल ले जाया गया। ग्रामीणों के अनुसार, तूफान सिंह ने दो शादियां की हैं।
उसकी पहली शादी 2011 में हुई थी, जिससे उसे दो बेटे हैं, जिनमें बड़ा बेटा दिव्यांग है। शराब की लत के कारण उसकी पहली पत्नी उसे छोड़कर चली गई थी।
तूफान सिंह ने 2017 में दूसरी शादी की, जिससे उसे दो और बेटे हुए। मारपीट और नशे से परेशान होकर उसकी दूसरी पत्नी भी घर छोड़कर चली गई।
अब तूफान सिंह के चारों बच्चे अपने पिता और मानसिक रूप से बीमार दादी के साथ रहते थे। गांव वालों का आरोप है कि आरोपी अक्सर नशे में बच्चों के साथ मारपीट करता था।
पुलिस कार्रवाई
घटना की सूचना मिलते ही अंबानगर चौकी प्रभारी उप निरीक्षक मनोज तिवारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे।
सरपंच की शिकायत और चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 को सूचना देने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज किया।
पुलिस ने आरोपी तूफान सिंह के खिलाफ बच्चों के साथ क्रूरता और अन्य धाराओं में केस दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया। कोर्ट में पेश करने के बाद उसे जेल भेज दिया गया है।
बच्चों को बाल कल्याण समिति के संरक्षण में रखा गया
फिलहाल चारों बच्चों को बाल कल्याण समिति (CWC) के संरक्षण में रखा गया है। प्रशासन ने बच्चों के पुनर्वास और इलाज की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

