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2026-08-10

बेला गांव डबल मर्डर केस: रामसेवक कुशवाह और राघवेंद्र रावत को आजीवन कारावास

bulandsochnews Senior News Reporter

बुलंद सोच, ग्वालियर।

ग्वालियर के बहुचर्चित बेला गांव डबल मर्डर केस में करीब सात वर्ष बाद अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। चतुर्थ अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सुरेश सिंह जमरा की अदालत ने दोनों आरोपियों रामसेवक कुशवाह और राघवेन्द्र उर्फ कालू रावत को दोहरे हत्याकांड में दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।

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घटनाक्रम और जांच

अभियोजन के अनुसार, 16 मार्च 2019 को गिरवाई थाना क्षेत्र के बेला गांव के कच्चे रास्ते के पास धीरेन्द्र कुशवाह और उनके छोटे भाई दीपू कुशवाह के शव पानी के टैंकर के पास मिले थे। दोनों मृतकों के सिर में गोली लगी थी। पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी।

अभियोजन के साक्ष्य और न्यायालय का मत

सुनवाई के दौरान, अभियोजन ने परिस्थितिजन्य साक्ष्यों, पोस्टमार्टम रिपोर्ट, एफएसएल रिपोर्ट, बरामद हथियार, मोबाइल और अन्य वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर आरोप सिद्ध किए। न्यायालय ने माना कि दोनों युवकों की मृत्यु गोली लगने से हुई थी और यह स्पष्ट रूप से मानव वध की श्रेणी की हत्या थी।

दोषियों को मिली सजा

न्यायालय ने रामसेवक कुशवाह को दोनों मृतकों की हत्या के लिए भारतीय दंड संहिता की धारा 302/34 के तहत दो पृथक मामलों में आजीवन कारावास और जुर्माने की सजा सुनाई। वहीं, राघवेन्द्र उर्फ कालू रावत को दोनों हत्याओं के लिए आजीवन कारावास के साथ अवैध हथियार रखने के अपराध में आयुध अधिनियम के तहत दो वर्ष के सश्रम कारावास और अर्थदंड से भी दंडित किया गया। इस मामले में अभियोजन की ओर से अपर लोक अभियोजक कुलदीप दुबे ने पैरवी की।