बुलंद सोच, भोपाल।
आयकर रिटर्न (आईटीआर) दाखिल करने के दौरान साइबर अपराधियों ने लोगों को ठगने का नया तरीका अपनाया है। इन दिनों वॉट्सएप पर फर्जी आयकर नोटिस भेजकर लोगों को निशाना बनाया जा रहा है।
इन संदेशों में दावा किया जाता है कि पैन कार्ड ब्लॉक हो गया है, आईटीआर रिफंड लंबित है या आयकर विभाग का नोटिस जारी हुआ है। इसके साथ ही, 24 घंटे में कार्रवाई नहीं होने पर बैंक खाता फ्रीज करने की चेतावनी भी दी जाती है।
ठगी के लिए साइबर ठग मैसेज के साथ जिप फाइल अथवा फर्जी वेबसाइट का लिंक भेजते हैं। इन पर क्लिक करने से मोबाइल में वायरस इंस्टाल हो सकता है या फिर नकली वेबसाइट पर ओटीपी, बैंक खाता, पासवर्ड और अन्य गोपनीय जानकारी मांगी जाती है, जिसके जरिए बैंक खाते से रकम उड़ा ली जाती है।
क्राइम ब्रांच की सलाह
इसे लेकर भोपाल की क्राइम ब्रांच ने एक एडवाइजरी जारी की है। एडवाइजरी के अनुसार, आयकर विभाग कभी भी वॉट्सएप पर नोटिस नहीं भेजता है।
विभाग केवल आइटीडी-इन्फो से एसएमएस, पंजीकृत ई-मेल या आयकर पोर्टल के इनबॉक्स के माध्यम से ही सूचना देता है। विभाग फोन पर कभी ओटीपी, सीवीवी या पासवर्ड भी नहीं मांगता और न ही जिप फाइल डाउनलोड करने के लिए कहता है।
बचाव एवं शिकायत
बचाव के लिए, यदि ऐसा कोई संदिग्ध संदेश मिले तो लिंक पर क्लिक न करें, संदेश तुरंत डिलीट करें और नंबर को ब्लॉक करें। किसी भी सूचना की पुष्टि केवल आधिकारिक आयकर पोर्टल पर लॉगइन करके करनी चाहिए। यदि साइबर ठगी हो जाए तो तत्काल 1930 हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराएं और पुलिस से संपर्क करें।
धोखाधड़ी का एक मामला
भोपाल में एक एमबीबीएस डॉक्टर से 97 हजार रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। इस मामले में राजस्थान से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। यह धोखाधड़ी का नेटवर्क किराए के खातों के माध्यम से संचालित हो रहा था।

