बुलंद सोच, जबलपुर।
जबलपुर के शांति नगर निवासी अधिवक्ता संतोष चौदहा और अमिता चौदहा ने इस रक्षाबंधन को अपनी मां चंद्रकुमारी चौदहा के लिए जिंदगी का सबसे यादगार पल बना दिया।
उन्होंने मां के मायके से उनके दोनों भाई, वारासिवनी निवासी सूरज प्रसाद सोहने और मदन गोपाल सोहने को विशेष आग्रह कर करीब 50 साल बाद बुलाया।
इस खास मौके को और भी यादगार बनाने के लिए अधिवक्ता संतोष चौदहा ने सागर-देवरी से अपनी बहन साधना रावत और बहनोई कैलाश रावत को भी आमंत्रित किया।
वर्षों बाद अपनों के एक ही छत के नीचे मिलन, राखी के धागों और भावुक पलों ने पूरे माहौल को भाव-विभोर कर दिया।
परिवार के लिए यह रक्षाबंधन सिर्फ एक त्योहार नहीं, बल्कि बिछड़े रिश्तों को फिर से जोड़ने वाली ऐसी याद बन गया, जिसे लंबे समय तक भुलाया नहीं जा सकेगा।

