बुलंद सोच, भोपाल।
कलियासोत बांध क्षेत्र में वेटलैंड की पर्यावरणीय संवेदनशीलता की अनदेखी कर मड रैली और स्टंट करने के मामले में पुलिस ने कार्रवाई की है। रातीबड़ पुलिस ने इस संबंध में 10 चार पहिया वाहन जब्त किए हैं।
दर्ज मामले और आरोप
संबंधित वाहन चालकों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 281, 170, 271 और 279 के साथ-साथ मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 184 के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस के अनुसार, 26 जुलाई को कलियासोत बांध क्षेत्र में कुछ लोगों ने वाहनों से मड ड्राइव और स्टंट किए थे।
साक्ष्य छिपाने का प्रयास और आगे की जांच
पुलिस कार्रवाई की भनक लगने के बाद कुछ लोग अपने वाहनों से कीचड़ साफ कर उनकी पहचान छिपाने का प्रयास कर रहे थे। पुलिस ने ऐसे 10 वाहनों को जब्त किया है। अब सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो, तकनीकी साक्ष्यों और अन्य माध्यमों से स्टंट में शामिल अन्य वाहन चालकों और वाहनों की पहचान की जा रही है।
एनजीटी के आदेश की अवहेलना
पर्यावरणविद् राशिद नूर खान ने बताया कि कलियासोत-केरवा के वेटलैंड और कैचमेंट क्षेत्र में सप्ताहांत पर अवैध मड ड्राइव और भीड़ जुटने की घटनाएं लगातार सामने आती रही हैं। उन्होंने यह भी कहा कि राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के आदेश के बावजूद कलियासोत बांध क्षेत्र में मड रैली आयोजित की गई।
पूर्व में जारी प्रतिबंध
जनवरी 2020 में एनजीटी ने देशभर के वेटलैंड क्षेत्रों में मड रैली जैसे आयोजनों पर रोक लगाने का आदेश दिया था। इसके बाद तत्कालीन भोपाल कलेक्टर तरुण पिथोड़े ने भी एक प्रस्तावित रैली की अनुमति रद्द कर दी थी। ऐसे आयोजनों से वेटलैंड के साथ-साथ आसपास के वन क्षेत्र और बाघ-तेंदुओं जैसे वन्यजीवों के लिए भी खतरा पैदा होने की आशंका जताई गई थी।
निगरानी व्यवस्था पर सवाल
कलियासोत-केरवा क्षेत्र में ऐसी गतिविधियों को रोकने के लिए अगस्त 2019 में तत्कालीन वन विभाग की ओर से भी प्रतिबंध और निगरानी के आदेश जारी किए गए थे। इसके बावजूद मड ड्राइव और स्टंट की घटनाएं सामने आना निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। पुलिस की मौजूदा कार्रवाई के बाद अब इस मामले में अन्य वाहन चालकों पर भी कार्रवाई की तैयारी है।

