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2026-07-31

किसानों का भोपाल कूच: पुलिस बैरिकेड तोड़कर आगे बढ़े हजारों प्रदर्शनकारी

bulandsochnews Senior News Reporter

बुलंद सोच, भोपाल।

मूंग खरीदी, ई-टोकन व्यवस्था सहित अन्य मांगों को लेकर मंगलवार को किसानों ने राजधानी भोपाल की ओर कूच किया। नर्मदापुरम से भोपाल तक 15 स्थानों पर बैरिकेडिंग और भारी पुलिस बल तैनात था। हजारों किसान एक-एक कर सभी बैरिकेड हटाते और तोड़ते हुए आगे बढ़ते गए। कई जगह पुलिस और किसानों के बीच धक्का-मुक्की, खींचतान और तीखी नोकझोंक हुई। किसानों ने बैरिकेड उठाकर सड़क किनारे फेंक दिए और अपना मार्च जारी रखा। करीब 15 किसान संगठनों के पदाधिकारी और कार्यकर्ता संयुक्त किसान मोर्चा के बैनर तले ‘किसान क्रांति रैली’ निकाल रहे थे। प्रशासन ने सोमवार रात नर्मदापुरम में लगभग 100 किसानों को नजरबंद कर मार्च रोकने का प्रयास किया था। हालांकि, मंगलवार सुबह बड़ी संख्या में किसान जुटने के बाद उन्हें छोड़ना पड़ा। इसके बाद किसानों का जत्था भोपाल के लिए रवाना हो गया। रास्ते में पुलिस ने बुधनी, बरखेड़ा, औबेदुल्लागंज, मंडीदीप और 11वें मील समेत कई स्थानों पर किसानों को रोकने का प्रयास किया। लेकिन हर जगह बैरिकेड हटाकर किसान आगे बढ़ते रहे। अंततः बरकतउल्ला विश्वविद्यालय के पास पुलिस ने उन्हें रोक दिया। इसके बाद सावरकर सेतु के पहले अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई।

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कृषि मंत्री से चर्चा और किसानों का रुख

11वें मील पर कृषि मंत्री एदल सिंह कंसाना ने सभी किसान संगठनों के एक-एक प्रतिनिधि से मंत्रालय में चर्चा की। मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से चर्चा के बाद ही अंतिम फैसला होगा। इस पर किसानों ने स्पष्ट कहा कि वे राजधानी तक आ गए हैं और अब खाली हाथ वापस नहीं जाएंगे। देर रात कृषि मंत्री कंसाना किसानों से भी मिले, लेकिन किसान नहीं माने। किसानों ने कहा कि वे सुबह मुख्यमंत्री आवास कूच करेंगे।

राजधानी में यातायात प्रभावित

प्रदर्शनकारी किसानों को पुलिस ने नर्मदापुरम रोड पर वीर सावरकर ब्रिज से पहले रोक दिया। इसके कारण शाम साढ़े 5 बजे से रात 9 बजे तक रानी कमलापति स्टेशन से एम्स रोड तक जाम लगा रहा। नर्मदापुरम रोड पर आसिमा मॉल रोड और बावड़िया ब्रिज पर भी यातायात डायवर्ट किया गया, जिससे वहां भी जाम की स्थिति बनी।

किसानों की प्रमुख मांगें

किसानों की चार प्रमुख मांगें हैं। इनमें मूंग की पूरी सरकारी खरीदी, खाद वितरण में ई-टोकन व्यवस्था खत्म करना, कम बारिश में पर्याप्त बिजली उपलब्ध कराना और भावांतर योजना खत्म करना शामिल है।

ई-टोकन व्यवस्था पर उच्च न्यायालय का फैसला

खाद वितरण की ई-विकास (ई-Tोकन) प्रणाली को चुनौती देने वाली कृषि आदान विक्रेता संघ की याचिका उच्च न्यायालय ने खारिज कर दी। न्यायालय ने कहा कि कालाबाजारी, जमाखोरी और उर्वरकों के गैर-कृषि उपयोग को रोकने के लिए यह केंद्र सरकार का नीतिगत फैसला है। ई-टोकन सिस्टम के तहत किसान को ई-विकास पोर्टल या एमपी ऑनलाइन/सीएससी से टोकन बुक करना होता है। तय तारीख और केंद्र पर ही खाद मिलती है, जिसका वितरण जमीन और फसल के आधार पर होता है। किसान इस व्यवस्था का विरोध कर रहे हैं क्योंकि सर्वर और तकनीकी दिक्कतों के कारण टोकन नहीं बन पाते और समय पर खाद नहीं मिलती।

मूंग खरीदी पर कृषि मंत्री का केंद्र को पत्र

कृषि मंत्री एदल सिंह कंसाना ने केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान को पत्र लिखा। उन्होंने बताया कि मध्य प्रदेश में करीब 20.16 लाख मीट्रिक टन मूंग का उत्पादन हुआ है। मंत्री ने केंद्र से 8.06 लाख मीट्रिक टन मूंग खरीदी के लक्ष्य की मांग की है।

किसानों का आगे का रुख

किसानों का दावा है कि बुधवार को राजगढ़, शाजापुर, गुना, आगर मालवा, अशोकनगर सहित करीब 10 और जिलों से किसान भोपाल पहुंचेंगे।