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2026-10-17

खरगोन जिले में औसत से 10 प्रतिशत कम बारिश, जलाशयों में 87 प्रतिशत जलभराव

bulandsochnews Senior News Reporter

बुलंद सोच, खरगोन।

खरगोन जिले में मानसून की विदाई के समय इस बार बारिश का आंकड़ा औसत के मुकाबले लगभग 10 प्रतिशत कम दर्ज किया गया है। इसके बावजूद, जिले के छोटे और बड़े जलाशयों में जलभराव की स्थिति संतोषजनक है, जहाँ वर्तमान में 87 प्रतिशत पानी उपलब्ध है।

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आदिवासी बहुल क्षेत्र के प्रमुख जलस्रोत देजला देवाड़ा और अपरवेदा बांध सहित बामंदी क्षेत्र का साटक बांध पिछले एक महीने से लगातार ओवरफ्लो हो रहे हैं। इससे सिंचाई और पेयजल को लेकर फिलहाल बड़ी राहत मिली है।

भू-अभिलेख विभाग के अनुसार, इस सीजन में अब तक खरगोन जिले में 759.46 मिलीमीटर बारिश दर्ज की जा चुकी है, जो पिछले साल की इसी अवधि में हुई 749 मिलीमीटर बारिश की तुलना में मामूली अधिक है। हालांकि, जिले की कुल वार्षिक औसत बारिश 828.04 मिलीमीटर है।

औसत की तुलना में 10 प्रतिशत की कमी रहने के बावजूद जलाशयों में पर्याप्त पानी सुरक्षित होने से वर्तमान में स्थिति नियंत्रण में है।

गर्मी में पहाड़ी अंचलों में बढ़ सकती है चुनौती

जल संसाधन विशेषज्ञों का मानना है कि वर्तमान में बांधों और तालाबों में उपलब्ध जल स्तर के कारण रबी सीजन की शुरुआत में कोई बड़ी समस्या नहीं आएगी। लेकिन बारिश में रही कमी का वास्तविक असर गर्मी के दिनों में देखने को मिल सकता है।

विशेष रूप से जिले के दूरस्थ पहाड़ी और आदिवासी इलाकों में भूजल स्तर गिरने से पेयजल संकट गहराने की आशंका जताई जा रही है।

रबी सीजन की तैयारी

जलाशयों की स्थिति को देखते हुए कृषि विभाग ने रबी सीजन की तैयारियां तेज कर दी हैं। इस बार जिले में कुल 3.77 लाख हेक्टेयर भूमि में रबी फसलों की बुवाई का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

पानी की उपलब्धता और किसानों के रुझान के आधार पर फसल पैटर्न में महत्वपूर्ण बदलाव देखा जा रहा है।

पानी की खपत और बाजार परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए इस बार गेहूं की बुवाई में 23 हजार हेक्टेयर की कमी आने का अनुमान है, वहीं कम पानी में बेहतर पैदावार देने वाले चने के क्षेत्रफल में 20 हजार हेक्टेयर की बढ़ोतरी होने की संभावना है।

अधिकारियों का कहना है कि जलाशयों में पर्याप्त पानी होने से रबी फसलों की सिंचाई सुचारु रूप से हो सकेगी, लेकिन आगामी ग्रीष्मकाल को देखते हुए जल संरक्षण और विवेकपूर्ण उपयोग पर अभी से ध्यान देना आवश्यक होगा।