बुलंद सोच, भोपाल।

मध्य प्रदेश में वर्ष 2027 में होने वाले नगरीय निकाय चुनावों को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने अपनी संगठनात्मक तैयारी तेज कर दी है। प्रदेश के 413 नगरीय निकायों में होने वाले इन चुनावों में इस बार महापौर के साथ अध्यक्ष पद के लिए भी प्रत्यक्ष प्रणाली से मतदान कराए जाने की प्रक्रिया तय की गई है। भाजपा इस बार नए और युवा चेहरों को मैदान में उतारने की तैयारी कर रही है। नगरीय विकास विभाग द्वारा वार्डों का पुनरीक्षण किया जा चुका है और राज्य निर्वाचन आयोग ने मतदाता सूची का प्रकाशन भी कर दिया है। वर्ष 2022 में हुए निकाय चुनाव में भाजपा सरकार ने महापौर को छोड़कर अन्य सभी नगरपालिका और नगर परिषद में अध्यक्षों के चुनाव अप्रत्यक्ष प्रणाली से कराए थे। अब ये चुनाव प्रत्यक्ष प्रणाली यानी सीधे मतदाता के माध्यम से होंगे, यही वजह है कि भाजपा पहले से तैयारी में जुट गई है। निकायों में अभी पार्षदों द्वारा चुने गए अध्यक्ष काम कर रहे हैं, जिनके विरुद्ध एंटी-इनकमबेंसी होने से पार्टी की चुनौतियां भी बढ़ गई हैं।
पीढ़ी परिवर्तन और आयु सीमा
भाजपा ने सत्ता-संगठन में पीढ़ी परिवर्तन का जो अभियान आरंभ किया है, उसे नगरीय निकाय चुनाव में भी लागू किया जाएगा। पार्टी की तैयारी यह है कि 30 से 50 वर्ष की उम्र सीमा के नेता पार्षद चुने जाएं। अध्यक्ष और महापौर की उम्र सीमा अधिकतम 60 वर्ष होना चाहिए। अपवाद जैसे मामले अलग हो सकते हैं, लेकिन पार्टी अपनी गाइडलाइन का पालन करने का प्रयास करेगी। निकाय चुनाव में पार्टी गैर-राजनीतिक पृष्ठभूमि के लोगों को भी आगे लाएगी ताकि राजनीति में शुचिता लाई जा सके। हालांकि, अभी भाजपा में एक विचार यह भी चल रहा है कि इन चुनावों को आगे बढ़ा दिया जाए।

