बुलंद सोच, भोपाल।
मध्य प्रदेश के सरकारी स्कूलों में कार्यरत लगभग 70 हजार अतिथि शिक्षकों को राहत मिली है। प्रदेश सरकार के नए नियमों के तहत अब अतिथि शिक्षकों को भी नियमित शिक्षकों की तरह एक शिक्षा सत्र में कुल 10 आकस्मिक अवकाश (सीएल) दिए जाएंगे।
उल्लेखनीय है कि इससे पहले अतिथि शिक्षकों को आकस्मिक अवकाश की कोई वैधानिक सुविधा प्राप्त नहीं थी।
अवकाश का लाभ कैसे मिलेगा
नए प्रावधानों के अनुसार, स्कूल में कार्यभार ग्रहण करते ही अतिथि शिक्षक को 1 सीएल मिल जाएगी।
पहली सीएल मिलने के बाद, आगे हर 30 दिन की सेवा अवधि पूरी होने पर 1-1 अतिरिक्त सीएल अर्जित होती जाएगी, इस तरह पूरे शिक्षा सत्र में अधिकतम 10 सीएल मिलेंगे।
नए नियमों के तहत कोई भी अतिथि शिक्षक एक बार में लगातार अधिकतम 3 आकस्मिक अवकाश ही ले सकेगा।
अन्य राहत और प्रभाव
अतिथि शिक्षकों को री-ज्वॉइनिंग में 90% ई-अटेंडेंस की अनिवार्यता भी समाप्त कर दी गई है, हालांकि इसके लिए एक शर्त माननी होगी।
प्रदेश भर में लगभग 70 हजार अतिथि शिक्षक अपनी सेवाएं दे रहे हैं, जिन्हें इस निर्णय से सीधा फायदा होगा।
ये शिक्षक लंबे समय से अवकाश सुविधाओं की मांग कर रहे थे, और अब तक छुट्टी लेने पर उन्हें मानदेय में कटौती या अनुपस्थिति दर्ज होने का सामना करना पड़ता था।
इस निर्णय से अतिथि शिक्षकों को कार्य के दौरान मानसिक व सामाजिक जरूरतों के लिए वैधानिक अवकाश की सुविधा मिल सकेगी।

