बुलंद सोच, भोपाल।
भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) और मैनिट के सिविल इंजीनियरिंग विभाग की टीम के सर्वे में ऐतिहासिक गौहर महल को जर्जर और तत्काल वैज्ञानिक संरक्षण योग्य बताया गया है। रिपोर्ट में स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि समय रहते संरक्षण नहीं हुआ तो यहां कभी भी गंभीर हादसा हो सकता है।
चेतावनी के बावजूद जारी गतिविधियां
इसके बावजूद महल में मेले, प्रदर्शनियां, सांस्कृतिक आयोजन और फिल्म शूटिंग लगातार कराई जा रही है। जून में अभिनेत्री यामी गौतम की फिल्म ‘नई नवेली’ की शूटिंग के बाद अब 20 जुलाई से फिल्म ‘कॉमन मैन’ की शूटिंग गौहर महल में चल रही है। फिल्म यूनिट ने महल को 19 दिनों के लिए बुक किया है। प्रतिदिन एक लाख रुपये किराया और 18 प्रतिशत जीएसटी के हिसाब से विभाग को करीब 22.42 लाख रुपये की आय होगी। फिल्म की शूटिंग में अभिनेता बृजेंद्र काला और अनुराग अरोड़ा सहित कई कलाकार भोपाल पहुंचे हैं। इधर, आने वाले दिनों में भी गौहर महल में गतिविधियां प्रस्तावित हैं। 6 अगस्त से हैंडलूम एक्सपो और अगस्त के दूसरे सप्ताह में सावन मेला आयोजित होना है। इन आयोजनों में सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना है। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब विशेषज्ञ रिपोर्ट स्वयं महल की दीवारों और छतों को जोखिमपूर्ण बता रही है, तब यहां हजारों लोगों की मौजूदगी वाले आयोजनों की अनुमति किस आधार पर दी जा रही है? बारिश के मौसम में प्रदेश में पुरानी इमारतों के ढहने की घटनाएं सामने आ रही हैं। यदि गौहर महल में कोई हादसा हो गया तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा?
करोड़ों की आय, संरक्षण पर खर्च नगण्य
संत रविदास मध्यप्रदेश हस्तशिल्प एवं हथकरघा विकास निगम गौहर महल को फिल्म शूटिंग, प्रदर्शनियों और आयोजनों के लिए किराये पर देकर हर वर्ष लाखों-करोड़ों रुपये की आय अर्जित कर रहा है। इसके बावजूद महल के वैज्ञानिक संरक्षण और संरचनात्मक मरम्मत पर आय का एक छोटा हिस्सा भी खर्च नहीं किया गया है। इसी कारण वर्षों से महल की हालत लगातार बिगड़ती जा रही है।
मंत्री का बयान
राज्यमंत्री, कुटीर एवं ग्रामोद्योग (स्वतंत्र प्रभार), मप्र शासन, दिलीप जायसवाल ने बताया कि वह 31 जुलाई को भोपाल पहुंचकर स्वयं प्रबंध संचालक मदन नागरगोजे के साथ गौहर महल का निरीक्षण करेंगे। उन्होंने कहा कि एएसआई और मैनिट की यदि कोई रिपोर्ट है तो उसे भी देखा जाएगा। मंत्री ने आश्वासन दिया कि किसी भी प्रकार का जोखिम नहीं लिया जाएगा और गौहर महल का संरक्षण और संवर्धन कराया जाएगा। उनके अनुसार, उसके बाद ही वहां आयोजनों के संबंध में निर्णय लिया जाएगा।

