बुलंद सोच, भोपाल।
प्रदेश के इंजीनियरिंग महाविद्यालयों में बीटेक प्रवेश प्रक्रिया के तहत ऑनलाइन सेंट्रलाइज्ड काउंसलिंग (सीसीसी) के दो चरण पूर्ण हो चुके हैं। इन चरणों के उपरांत विद्यार्थियों को आंतरिक ब्रांच परिवर्तन का अवसर प्रदान किया गया। जिन संस्थानों में संबंधित शाखाओं में सीटें रिक्त थीं, वहां आवेदन प्रक्रिया पूरी होने के बाद सोमवार को ब्रांच परिवर्तन का आवंटन जारी कर दिया गया। प्रवेश प्रक्रिया का अगला चरण कॉलेज लेवल काउंसलिंग (सीएलसी) होगा, जो आगामी सात अगस्त से प्रारंभ होगा। उच्च शिक्षा विभाग (डीटीई) द्वारा 31 जुलाई तक उपलब्ध कराए गए आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश के कुल 135 इंजीनियरिंग संस्थानों में बीटेक की 75,249 सीटें उपलब्ध हैं। इनमें से अब तक 52,248 विद्यार्थियों ने पंजीयन कराया था, जबकि 56,414 अभ्यर्थियों ने चॉइस फिलिंग की थी। दो चरणों की काउंसलिंग के बाद कुल 35,660 विद्यार्थियों ने प्रवेश लिया है। इसके बावजूद, वर्तमान में 39,589 सीटें रिक्त हैं, जिन्हें भरने के लिए महाविद्यालयों की उम्मीदें अब सीएलसी पर टिकी हैं।
शाखावार प्रवेश विवरण
शाखावार प्रवेश के आंकड़ों में इस बार भी कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग (सीएसई) सबसे अधिक पसंद की जाने वाली शाखा रही। लगभग 21 हजार सीएसई सीटों में से करीब सात हजार विद्यार्थियों ने इसमें प्रवेश प्राप्त किया। इसके पश्चात सिविल इंजीनियरिंग का स्थान रहा, जहां 7,201 सीटों में से 1,042 विद्यार्थियों ने दाखिला लिया।
सीयूईटी यूजी अपडेट
सीयूईटी यूजी में 470 से अधिक सीटें रिक्त हैं, जिसकी काउंसलिंग 7 अगस्त से शुरू होगी। दूसरे चरण में 500 नए आवेदन प्राप्त हुए हैं।

