बुलंद सोच, बेगमगंज।

मंगलवार को ग्राम पिपलिया खुर्द में एक दर्दनाक मंजर सामने आया। ग्राम पंचायत शाहपुर-सुल्तानपुर के पिपलिया खुर्द में इन्दुर सिंह की धर्मपत्नी काशीबाई का निधन हो गया था। अंतिम विदाई के समय भारी वर्षा होने के कारण उन्हें सम्मानजनक विदाई और अंतिम संस्कार तक नसीब नहीं हुआ।
परिजनों द्वारा छाता और तिरपाल के साए में उन्हें विदा किया गया। लकड़ी गीली होने के कारण आग नहीं पकड़ रही थी, जिस पर पेट्रोल और टायरों का उपयोग करना पड़ा। तब कहीं जाकर अंतिम संस्कार हो सका।
ग्राम पंचायतों में मुक्तिधाम निर्माण कराने के लिए पिछली 5 वर्षीय योजना में प्रत्येक ग्राम पंचायत को अलग से बजट उपलब्ध कराया गया था, लेकिन अनेक जगहों पर मुक्तिधाम का निर्माण नहीं कराया गया और राशि उस समय के सरपंच-सचिवों की जेब में चली गई।
पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग को स्पष्ट दिशा-निर्देशों के बावजूद पंचायतें उदासीनता बरत रही हैं। वर्तमान सरकार के पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ने इस तरह की अप्रिय स्थिति से बचने के लिए मुक्तिधाम के निर्माण के लिए पंचायतों को छूट दी हुई है, परंतु पंचायतों को इससे कोई फर्क पड़ता नजर नहीं आता।
आक्रोशित ग्रामीणजनों में गजराज यादव सहित अन्य ने बताया कि उनके यहां वर्षों से श्मशान घाट स्वीकृत है, पर ग्राम पंचायत की उदासीनता के चलते यह अभी तक बन नहीं पाया है।
इस संबंध में जनपद सीईओ मोगराज मीणा का कहना है कि यह मामला उनके संज्ञान में लाया गया है और इसे तत्काल करवाया जाएगा।
उन्होंने यह भी कहा कि सभी जगह श्मशान घाट होना उनकी जिम्मेदारी है और वे तत्काल सभी पंचायतों से जानकारी लेकर निर्देशित करेंगे।

