बुलंद सोच, भोपाल।

अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) भोपाल को जल्द ही स्थायी और मजबूत प्रशासनिक नेतृत्व मिलेगा। केंद्र सरकार की कैबिनेट की नियुक्ति समिति ने रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल नरेंद्र कोटवाल को एम्स भोपाल का नया एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर नियुक्त करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। केंद्रीय कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिया है।
एम्स भोपाल में पिछले कुछ महीनों से नियमित निदेशक का पद खाली था। संस्थान का कामकाज अतिरिक्त प्रभार के भरोसे चल रहा था। वर्तमान में एम्स दरभंगा के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर डॉ. माधवानंद के पास एम्स भोपाल का अतिरिक्त प्रभार था। नरेंद्र कोटवाल के कार्यभार संभालते ही यह अतिरिक्त व्यवस्था समाप्त हो जाएगी।
सैन्य चिकित्सा प्रशासन में लंबे अनुभव वाले अधिकारी के आने से एम्स भोपाल के कामकाज, अनुशासन और मरीजों की सुविधाओं में बड़ा सुधार होने की उम्मीद है। इससे विभागों के बीच बेहतर तालमेल, लंबित फाइलों का तेजी से निपटारा और अस्पताल की व्यवस्थाओं को और मजबूत करने में मदद मिलेगी।
नरेंद्र कोटवाल की नियुक्ति अनुबंध के आधार पर तीन साल के लिए की गई है। उनका कार्यकाल पदभार ग्रहण करने की तिथि से शुरू होगा। उन्हें लेवल-15 के वेतनमान पर रखा गया है। वे 70 वर्ष की उम्र तक या केंद्र सरकार के अगले आदेश तक, जो भी पहले हो, इस पद पर बने रहेंगे।
नरेंद्र कोटवाल चिकित्सा के साथ-साथ सैन्य प्रशासन के भी बड़े विशेषज्ञ हैं। वे देश के प्रतिष्ठित आर्म्ड फोर्सेस मेडिकल कॉलेज, पुणे के डायरेक्टर और कमांडेंट रह चुके हैं। वर्तमान में वे पंचकूला स्थित पारस हेल्थ में एंडोक्राइनोलॉजी विभाग के डायरेक्टर के रूप में सेवाएं दे रहे हैं। उनके पास प्रशासन और मरीजों के इलाज दोनों का समृद्ध अनुभव है।

