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2026-08-10

रीवा की ऐतिहासिक कोल गढ़ी का जीर्णोद्धार कार्य सवालों के घेरे में, पहली बारिश में ढही बाउंड्री वॉल

bulandsochnews Senior News Reporter

बुलंद सोच, रीवा।

रीवा में ऐतिहासिक कोल गढ़ी के जीर्णोद्धार कार्य में बड़े भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है। करोड़ों रुपये की लागत से चल रहे इस निर्माण कार्य की सच्चाई पहली ही बरसात में उजागर हो गई। गढ़ी की नई निर्मित बाउंड्री वॉल गिरकर धराशायी हो गई। सौभाग्यवश, घटना के समय वहां कोई व्यक्ति मौजूद नहीं था, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया।

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भाजपा के पूर्व विधायक श्याम लाल द्विवेदी ने लगभग एक माह पूर्व कोल गढ़ी के जीर्णोद्धार कार्य स्थल का निरीक्षण किया था। इस निरीक्षण के दौरान उन्होंने निर्माण में अनियमितता और घटिया सामग्री के उपयोग का आरोप लगाया था। पूर्व विधायक ने तत्काल रीवा कलेक्टर को पत्र लिखकर निर्माण कार्य का तकनीकी निरीक्षण कराने की मांग की थी।

उन्होंने आशंका व्यक्त की थी कि यदि समय रहते जांच नहीं हुई तो सरकारी धन की बर्बादी होगी और भविष्य में कोई दुर्घटना हो सकती है। हालांकि, प्रशासनिक स्तर पर इस शिकायत को गंभीरता से नहीं लिया गया। अब पहली बरसात में बाउंड्री वॉल के ढहने से उनके आरोप सही साबित हुए हैं।

कोल गढ़ी के जीर्णोद्धार पर करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं। नियमानुसार, प्रत्येक सरकारी निर्माण स्थल पर लागत राशि, कार्य अवधि और ठेकेदार के नाम का बोर्ड लगाना अनिवार्य होता है। परंतु, कोल गढ़ी में अब तक ऐसा कोई बोर्ड नहीं लगाया गया है। इस कारण स्थानीय लोग और पर्यटक यह जानने में असमर्थ हैं कि यह कार्य कितने करोड़ रुपये में हो रहा है और यह किस विभाग के अधीन है। पारदर्शिता के अभाव ने भ्रष्टाचार की आशंका को और गहरा कर दिया है।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, निर्माण में इस्तेमाल की जा रही गिट्टी में मिट्टी मिली हुई है और बालू भी मानक के अनुरूप नहीं है। दीवारों में सीमेंट की मात्रा कम और रेत की मात्रा अधिक दिखाई दे रही है। इसी कारण बाउंड्री वॉल बरसात के दबाव को सहन नहीं कर पाई और ढह गई।

कोल गढ़ी रीवा जिले की एक ऐतिहासिक धरोहर है, जहां बड़ी संख्या में पर्यटक आते हैं। स्थानीय लोगों में इस बात को लेकर आक्रोश है कि जीर्णोद्धार के नाम पर घटिया निर्माण से न केवल सरकारी धन की बर्बादी हो रही है, बल्कि लोगों की जान को भी खतरा हो सकता है। उनका कहना है कि “टैक्स का पैसा लूटा जा रहा है। कागजों में अच्छा काम दिखाया जाएगा और हकीकत में सब गिर जाएगा।” घटना के बाद से अब तक पीडब्ल्यूडी, पुरातत्व विभाग या जिला प्रशासन के किसी बड़े अधिकारी ने मौके का निरीक्षण नहीं किया है, और न ही गिरे हुए हिस्से की जांच के लिए कोई समिति गठित की गई है।

पूर्व विधायक श्याम लाल द्विवेदी ने एक बार फिर पूरे निर्माण कार्य की थर्ड पार्टी जांच कराने और दोषी ठेकेदार व अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि कोल गढ़ी जैसी ऐतिहासिक धरोहर के साथ इस तरह का खिलवाड़ न केवल भ्रष्टाचार है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के साथ भी धोखा है।