बुलंद सोच, चित्रकूट।

भगवान श्रीराम ने जिस मंदाकिनी नदी के तट पर वनवास का समय व्यतीत किया था, उसी नदी के पानी से आज कर्वी नगर की पेयजल की आवश्यकता पूरी हो रही है। हालांकि, पेयजल आपूर्ति के लिए बने इंटेकवेल से मात्र 50 मीटर की दूरी पर कई दिनों से एक मृत कुत्ता सड़ा हुआ पाया गया है।
नदी में गंदगी और सीवर का पानी पहुंचने के आरोपों ने पेयजल की शुद्धता पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा दिए हैं।
मंदाकिनी की इस बदहाली के विरोध में सत्याग्रही अभिमन्यु सिंह ने डॉ. एसपी त्रिपाठी, रवि पटेल, हीरा सिंह और डॉ. भूपेंद्र सिंह सहित अपने साथियों के साथ शुक्रवार से जल सत्याग्रह और आमरण अनशन प्रारंभ कर दिया।
प्रशासन द्वारा दिए गए आश्वासन के पश्चात शनिवार शाम लगभग चार बजे यह सत्याग्रह समाप्त हो गया।
अभिमन्यु सिंह का आरोप है कि राजाघाट से लगा क्षतिग्रस्त सीवर टैंक का दूषित पानी सीधे मंदाकिनी नदी में प्रवाहित हो रहा है। यही पानी आगे चलकर पाठा पेयजल योजना के इंटेकवेल तक पहुंचता है।
जल संवाद के दौरान उन्होंने इंटेकवेल के आसपास विशेष निगरानी व्यवस्था स्थापित करने, सीवर नालों को बंद करने तथा पेयजल की सरकारी प्रयोगशाला से जांच कराने की मांग की थी।
सत्याग्रह के दूसरे दिन एसडीएम सदर अजय कुमार, सीओ सिटी सत्येंद्र सिंह और नगर पालिका के अधिकारी मौके पर पहुंचे। उन्होंने आंदोलनकारियों से लगभग तीन घंटे तक विस्तृत वार्ता की।
एसडीएम ने आंदोलनकारियों को समयबद्ध कार्रवाई का भरोसा दिया।
चित्रकूट में मां मंदाकिनी नदी उफान पर है, जिससे रामघाट जलमग्न हो गया है। श्रद्धालुओं से सतर्क रहने की अपील की गई है।

