बुलंद सोच, रीवा।
रीवा में थाना सिविल लाइन पुलिस ने एक शातिर सेंधमारी गिरोह का पर्दाफाश करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे और निशानदेही पर लगभग 8 लाख रुपये के सोने-चांदी के आभूषण बरामद किए हैं। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों ने पूछताछ के दौरान शहर में हुई सात चोरी की वारदातों में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक डॉ. गुरकरन सिंह के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक भावना मरावी तथा नगर पुलिस अधीक्षक सिविल लाइन के मार्गदर्शन में थाना सिविल लाइन पुलिस द्वारा की गई।
जांच और गिरफ्तारी की प्रक्रिया
पुलिस के अनुसार, 23-24 जुलाई की दरम्यानी रात पथर कॉलोनी स्थित सिद्धिविनायक ज्वेलर्स में सेंधमारी कर अज्ञात बदमाशों ने सोने-चांदी के आभूषणों सहित लाखों रुपये का सामान चोरी कर लिया था। घटना की सूचना मिलते ही वरिष्ठ अधिकारियों ने इस मामले को गंभीरता से लिया और सिविल लाइन, अमहिया तथा साइबर सेल सहित विभिन्न टीमों का गठन कर आरोपियों की तलाश प्रारंभ की। जांच के दौरान पुलिस ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली, जिसके आधार पर संदिग्ध युवक वरण लोनिया उर्फ पीके की पहचान की गई। इस दौरान पूर्व में जे.के. ज्वेलर्स में हुई चोरी के मामले में संदिग्ध सुजीत लोनिया उर्फ गोविंदा का नाम भी सामने आया। पुलिस ने दोनों संदिग्धों को हिरासत में लेकर अलग-अलग पूछताछ की। पूछताछ में दोनों संदिग्धों ने अपने साथी संदीप लोनिया उर्फ गुल्ली का नाम बताया, जिसके बाद पुलिस ने उसे भी गिरफ्तार कर लिया। तीनों आरोपियों से लगातार पूछताछ करने पर चोरी की कई घटनाओं का खुलासा हुआ।
बरामद आभूषणों का विवरण
आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने चोरी का माल बरामद किया। बरामद आभूषणों में सोने के तीन जोड़ी कंगन, एक जोड़ी झुमके, एक जोड़ी कुंडल, चार सोने की अंगूठियां, एक मंगलसूत्र, एक सोने का लॉकेट, एक नथ, चार ग्राम सोना, चांदी की 14 जोड़ी बिछिया, तीन चांदी की अंगूठियां, दो चांदी की थाली, चांदी की हाय, चांदी की झुंझरी तथा तीन जोड़ी पायल शामिल हैं। बरामद आभूषणों की अनुमानित कीमत करीब 8 लाख रुपये आंकी गई है। पुलिस ने बताया कि बरामद आभूषणों की पहचान कर उन्हें उनके वास्तविक मालिकों को सुपुर्द करने की प्रक्रिया प्रारंभ की जा रही है।
गिरफ्तार आरोपियों और उनका आपराधिक इतिहास
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान वरण लोनिया उर्फ पीके (19 वर्ष), पिता छोटेलाल लोनिया, निवासी कबाड़ी मोहल्ला थाना सिविल लाइन; सुजीत लोनिया उर्फ गोविंदा (25 वर्ष), पिता नरेश लोनिया, निवासी कबाड़ी मोहल्ला थाना सिटी कोतवाली; तथा संदीप लोनिया उर्फ गुल्ली (29 वर्ष), पिता कामता प्रसाद लोनिया, निवासी कबाड़ी मोहल्ला थाना सिटी कोतवाली, जिला रीवा के रूप में हुई है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, तीनों आरोपियों का आपराधिक इतिहास काफी लंबा रहा है। इनके खिलाफ रीवा के सिविल लाइन और सिटी कोतवाली थानों में चोरी, नकबजनी, मारपीट, आर्म्स एक्ट तथा भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की विभिन्न धाराओं के तहत अनेक प्रकरण पहले से दर्ज हैं। पुलिस ने बताया कि यह गिरोह लंबे समय से शहर में सेंधमारी की घटनाओं को अंजाम दे रहा था और लगातार पुलिस की निगरानी में था।
अग्रिम कार्रवाई
पूछताछ पूरी होने के बाद पुलिस ने तीनों आरोपियों को न्यायालय में पेश कर अग्रिम कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस गिरोह के अन्य संभावित साथियों और चोरी के माल की खरीद-फरोख्त में शामिल लोगों की भी जांच कर रही है। इस कार्रवाई में थाना प्रभारी सिविल लाइन निरीक्षक विजय सिंह बघेल, थाना प्रभारी अमहिया निरीक्षक मनोज गौतम, उप निरीक्षक गौरव मिश्रा, मनीषा उपाध्याय सहित पुलिस टीम के अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

