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सिवनी में चूजों को बचाने जहरीले सांप से भिड़ी मुर्गी ने गंवाई जान

bulandsochnews Senior News Reporter

बुलंद सोच, सिवनी।

सिवनी जिले में बेजुबान पक्षियों की ममता और वफादारी की दो हृदयस्पर्शी घटनाएं सामने आई हैं, जहाँ उन्होंने अपनों की रक्षा के लिए अपनी जान की बाजी लगा दी। पहली घटना लखनादौन के चुरका गांव की है। यहाँ राम अहिरवार के घर में एक मुर्गी अपने चूजों को बचाने के लिए एक जहरीले सांप से भिड़ गई। इस संघर्ष में लड़ते-लड़ते उसने अपनी जान गंवा दी। कबाड़ कारोबार से जुड़े अहिरवार परिवार के घर से पालतू मुर्गी के चूजे गायब हो रहे थे। मंगलवार को मुर्गी मृत मिलने के बाद परिवार के सदस्यों ने कमरे में लगे सीसीटीवी कैमरे के फुटेज की जाँच की, तो वे हैरान रह गए।

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सीसीटीवी फुटेज में सामने आया कि एक जहरीला सांप रात में राम अहिरवार के घर के उस कमरे में घुस आया, जहाँ मुर्गी और उसके चूजे थे। जैसे ही सांप ने चूजों को अपना शिकार बनाना शुरू किया, मुर्गी ने अपनी जान की परवाह किए बिना उस पर सीधा हमला बोल दिया। फुटेज में यह भी दिखाई दे रहा है कि मुर्गी अपने बच्चों की रक्षा के लिए लगातार चोंच और पंखों से सांप पर वार करती रही। काफी देर तक चले इस संघर्ष के दौरान सांप ने पाँच चूजों को निगल लिया। सांप के साथ इस जानलेवा लड़ाई में घायल मुर्गी ने अंततः दम तोड़ दिया।

अगली सुबह जब राम अहिरवार कमरे में पहुँचे, तो मुर्गी मृत अवस्था में पड़ी थी और पाँच चूजे गायब थे। कमरे में सांप को रेंगते हुए देखकर उन्होंने तुरंत सर्प मित्र को इसकी सूचना दी। मौके पर पहुँचे सर्प मित्र ने सावधानीपूर्वक सांप को पकड़कर सुरक्षित रूप से जंगल में छोड़ दिया। यह वीडियो इंटरनेट मीडिया में तेजी से प्रसारित हो रहा है।

तोते ने परिवार को कोबरा से बचाया

दूसरी घटना छपारा नगर परिषद अंतर्गत देवरीकलां गांव की है। यहाँ 4 अगस्त की रात लगभग 12 बजे एक विषैला कोबरा गांव के देवी मंदिर के सामने निवासरत सुभाष पंचेश्वर के घर में घुस आया। परिवार के सभी सदस्य गहरी नींद में सो रहे थे। घर में पले हुए ‘मिठ्ठू’ (तोते) के पिंजरे में जहरीले कोबरा के पहुँचते ही तोते ने तेज आवाज करना शुरू कर दिया। रात के सन्नाटे में तोते का शोर सुनकर परिवार के सदस्यों की नींद टूट गई।

उठकर देखने पर वे स्तब्ध रह गए, क्योंकि पिंजरे के भीतर जहरीला सांप मौजूद था। सांप ने तोते को डंस लिया था, जिससे पक्षी की मौत हो गई। इस दौरान शोर सुनकर गहरी नींद में सो रहा परिवार जहरीले कोबरा के खतरे से बच गया। घटना की सूचना पर सर्प मित्र शिवम मुड़िया ने मौके पर पहुँचकर सावधानीपूर्वक कोबरा का रेस्क्यू किया और उसे सुरक्षित रूप से जंगल में छोड़ दिया।

घटना की जानकारी मिलते ही गांव के लोग बड़ी संख्या में एकत्रित हो गए। परिवार के लोगों का कहना है कि यदि तोते ने शोर न किया होता और वे लोग नहीं जगते, तो परिवार का कोई भी सदस्य जहरीले सांप का शिकार हो सकता था और एक बड़ी जनहानि हो सकती थी।

वन्यजीव विशेषज्ञों की सलाह

वन्यजीव विशेषज्ञों का कहना है कि बारिश के मौसम में बिलों में पानी भर जाने के कारण सांप भोजन और सुरक्षित ठिकाने की तलाश में अक्सर इंसानी बस्तियों, घरों या बाड़ों का रुख करते हैं। ऐसे में लोगों को सलाह दी जाती है कि वे घबराने के बजाय सतर्कता बरतें। यदि घर या आसपास कोई सांप दिखाई दे, तो उसे खुद पकड़ने या मारने का प्रयास करने के बजाय तुरंत सर्प मित्र या वन विभाग को सूचित करें।