बुलंद सोच, छिंदवाड़ा।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शुक्रवार को छिंदवाड़ा से राज्यव्यापी ‘मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान’ की शुरुआत करेंगे। वे जनता व अधिकारियों के साथ सीधे संवाद कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे।
मुख्यमंत्री सुबह दस बजे इमलीखेडा हवाई पट्टी पहुंचेंगे। यहां से वे एफडीडीआई ऑडिटोरियम जाएंगे, जहां उनके अभिनंदन का कार्यक्रम रखा गया है।
सीएम की अध्यक्षता में जिला स्तरीय समाधान कार्यक्रम होगा। इसके बाद वे आईटीआई का निरीक्षण करेंगे।
दोपहर 12:15 बजे मुख्यमंत्री लोक सेवा केंद्र का निरीक्षण करेंगे। दोपहर 1:20 बजे वे उद्यमी और जनप्रतिनिधियों के साथ संवाद करेंगे। दोपहर 1:25 बजे गणमान्य लोगों से मुलाकात का कार्यक्रम है।
दोपहर 2:15 बजे सीएम की अध्यक्षता में पुनः जिला स्तरीय समाधान कार्यक्रम होगा। इस दौरान जनशिकायतों एवं आवेदनों के निराकरण की समीक्षा की जाएगी।
मध्य प्रदेश के सभी जिलों में भी आम जनता की समस्याओं का त्वरित निराकरण और शासकीय योजनाओं की जमीनी हकीकत देखने के लिए कलेक्टर की अगुवाई में कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
छिंदवाड़ा का चयन क्यों?
छिंदवाड़ा का चयन इसलिए किया गया है क्योंकि यह पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ का मजबूत गढ़ रहा है। यहां से भाजपा ने सातों विधानसभा की सीटें हारी थीं।
हालांकि, दलबदल के बाद एक सीट अमरवाड़ा भाजपा के हाथ आई है। इस बार लोकसभा में भाजपा ने कांग्रेस से यह सीट छीनी है।
आरोप लगते रहे हैं कि कमल नाथ क्षेत्र की जनता से नहीं मिलते थे। इन्हीं कारणों से मुख्यमंत्री का पहला कार्यक्रम छिंदवाड़ा में हो रहा है।
अभियान के उद्देश्य
‘मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान’ का उद्देश्य जनविश्वास, जनकल्याण के लिए क्षेत्र भ्रमण, निरीक्षण एवं जनसंवाद के माध्यम से आम जनता की शिकायतों का त्वरित निराकरण करना है।
अभियान का लक्ष्य शासकीय योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की मॉनिटरिंग और लोक सेवाओं का समय-सीमा में प्रदाय सुनिश्चित करना भी है।
इस अभियान के तहत प्रत्येक शुक्रवार अधिकारियों द्वारा फील्ड भ्रमण कर आमजन से सीधे संवाद स्थापित किया जाएगा।
अभियान के तहत समाधान शिविर के माध्यम से छिंदवाड़ा में अब तक 4,768 शिकायतों का निराकरण किया जा चुका है। इस उपलब्धि के साथ छिंदवाड़ा जिला शिकायतों के निराकरण में प्रदेश में प्रथम स्थान पर है।
जबलपुर संभाग में मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान के अंतर्गत अब तक 22,000 से अधिक सीएम हेल्पलाइन शिकायतों का निराकरण किया गया है।

