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2026-08-10

इंदौर के देवास नाका पर शुक्रवार से बदलेगा ट्रैफिक रूट

bulandsochnews Senior News Reporter

बुलंद सोच, इंदौर।

इंदौर के देवास नाका चौराहे पर 60 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे फ्लाईओवर के निर्माण कार्य (एप्रोच रोड और गर्डर लॉन्चिंग) के लिए शुक्रवार से नया ट्रैफिक डायवर्शन लागू किया जा रहा है।

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इसके तहत निरंजनपुर मंडी के पास खालसा चौक से चौराहे तक के 400 मीटर के हिस्से को अगले दो महीने के लिए पूरी तरह से ब्लॉक कर दिया गया है।

एमपीआरडीसी द्वारा देवास नाका चौराहे के उस हिस्से में एप्रोच रोड, गर्डर लॉन्चिंग, स्लैब कास्टिंग और सर्विस रोड का काम किया जाना है, जहां पिछले माह दुकानें हटाई गई थीं। फ्लाईओवर की निर्धारित समय-सीमा समाप्त हुए पांच महीने बीत चुके हैं, जिसमें विजयनगर की तरफ का काम लगभग पूरा हो चुका है, लेकिन मांगलिया साइड का काम अभी बाकी है।

गुरुवार को पुलिस अधिकारियों ने मार्ग का दौरा कर रास्ते में खड़े ट्रकों को हटाने और खालसा चौक व चौराहे पर सांकेतिक बोर्ड (साइन बोर्ड) लगाने के निर्देश दिए।

नए परिवर्तित मार्ग

विजयनगर या सत्यसाईं से मांगलिया जाने वाले वाहन चालकों को देवास नाका चौराहे से सीधे जाने के बजाय निरंजनपुर की तरफ मुड़ना होगा, फिर न्यू लोहा मंडी रोड से होते हुए एमआर-11 के रास्ते वापस एबी रोड पर निकलना होगा।

निरंजनपुर या निपानिया से मांगलिया जाने वाले वाहन सीधे चौराहे पर आने के बजाय घूमकर एमआर-11 वाले रूट का इस्तेमाल कर मांगलिया या निपानिया जा सकेंगे।

पुराने मार्ग यथावत

मांगलिया से इंदौर आने वाले वाहनों के लिए पुराना रूट चालू रहेगा। इसी प्रकार, विजयनगर से निपानिया जाने वाले वाहनों का मार्ग भी यथावत रहेगा।

सड़कों पर गड्ढों की मरम्मत की मांग

लेखक मुकेश इंदौरी ने कहा है कि शहर में विकास के नाम पर तेजी से बड़े-बड़े फ्लाईओवरों का निर्माण किया जा रहा है, जो भविष्य में यातायात को सुगम बनाने के लिए आवश्यक हैं। हालांकि, इन निर्माण कार्यों के कारण शहर की अनेक सड़कों पर गहरे गड्ढे बन गए हैं, जिनकी समय पर मरम्मत या उचित व्यवस्था नहीं की गई है।

थोड़ी-सी वर्षा होते ही इन गड्ढों में पानी भर जाता है और वे किसी छोटे तालाब जैसे दिखाई देने लगते हैं। इससे वाहन चालकों और पैदल चलने वालों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है, और कई बार लोग गड्ढों की गहराई का अनुमान नहीं लगा पाते, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है।

उन्होंने प्रशासन से निर्माण स्थलों की नियमित निगरानी करने, गड्ढों को शीघ्र भरवाने और जल निकासी की उचित व्यवस्था सुनिश्चित करने की अपील की है, ताकि लोगों को सुरक्षित और सुगम आवागमन मिल सके।