बुलंद सोच, मंदसौर।

मंदसौर जिले के सुवासरा नगर में तहसील रोड से पुराने बस स्टैंड की ओर जाने वाले मार्ग पर प्रस्तावित सीसी रोड निर्माण और मोहर्रम जुलूस के पारंपरिक रूट को लेकर बढ़ा विवाद अब पुलिस कार्रवाई तक पहुंच गया है। सुवासरा पुलिस ने शासकीय कार्य में अड़चन डालने, सार्वजनिक मार्ग अवरुद्ध करने और चक्काजाम करने के मामले में कार्रवाई की है। पुलिस ने आजाद समाज पार्टी के जिलाध्यक्ष, ब्लाक कांग्रेस अध्यक्ष और मुस्लिम समाज के सदर सहित नामजद 21 लोगों और 10 से 15 अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया है।
नगर परिषद द्वारा पुराना बस स्टैंड से सर्किट हाउस तक कराए जाने वाले सीसी रोड निर्माण के लिए सड़क पर मशीन खड़ी की गई थी। इसी दौरान मोहर्रम के जुलूस मार्ग में बाधा बनने की बात को लेकर मुस्लिम समुदाय के सदर रईस व अन्य लोगों ने आपत्ति जताई थी।
हालांकि प्रशासन के अधिकारियों द्वारा पूर्व में ही बैठक आयोजित कर समझाइश दी गई थी और आश्वस्त किया गया था कि जुलूस से पहले रात तक मशीनें व अवरोधक हटा लिए जाएंगे। माहौल तब गरमा गया जब आजाद समाज पार्टी के जिलाध्यक्ष प्रिंस सूर्यवंशी ने कहा कि घंटे के भीतर मशीन नहीं हटी तो उग्र प्रदर्शन किया जाएगा।
चार अगस्त को भीम आर्मी, कांग्रेस नेताओं और मुस्लिम समुदाय के प्रतिनिधियों द्वारा पुराने बस स्टैंड मुख्य मार्ग पर बैठकर चक्काजाम कर दिया गया था।
घटनाक्रम के बाद जनहित और शासकीय कार्य में बाधा उत्पन्न होने पर सर्व हिंदू समाज ने थाने पहुंचकर एफआईआर दर्ज करने की मांग की थी। मामले में नगर परिषद उपाध्यक्ष प्रतिनिधि फरियादी सुनील मांदलिया की रिपोर्ट पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है।
एफआईआर में भीम आर्मी जिलाध्यक्ष प्रिंस सूर्यवंशी को मुख्य आरोपित बनाया गया है। उनके साथ ब्लाक कांग्रेस अध्यक्ष राहुल जैन और मुस्लिम कमेटी के सदर रईस सिसगर सहित 21 नामजद लोगों व 10-15 अन्य लोगों पर मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने एफआईआर में दीदार कुरेशी, लियाकत मेव, भुरा मेव, विजय पाटीदार (निवासी गुराड़िया प्रताप), पार्षद महेश मांदलिया, मनीष मेहर, अकरम कसाई, शेरु (एम्बुलेंस चालक), सलीम, करामत चाचा, मोहम्मद अकरम, बालमुकुंद/बालचन्द सूर्यवंशी (रूनिजा), शाहरुख खान, सलीम अहमद, वसीम बेलिम, आजाद शेख, नईम कुरेशी और श्याम सूर्यवंशी सहित 10 से 15 अन्य अज्ञात प्रदर्शनकारियों को आरोपित बनाया है।
सुवासरा पुलिस का कहना है कि मौके की वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी के आधार पर साक्ष्य जुटाए गए हैं, मामले में आगे की कार्रवाई की जा रही है।

