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2026-07-31

1993 मुंबई धमाकों के मास्टरमाइंड टाइगर मेमन की तीन संपत्तियां नीलाम

bulandsochnews Senior News Reporter

बुलंद सोच, मुंबई।

मुंबई में 1993 के सिलसिलेवार बम धमाकों के लगभग 33 साल बाद मंगलवार को इस साजिश के मुख्य सरगना और भगोड़े आतंकवादी टाइगर मेमन की तीन संपत्तियों की नीलामी प्रक्रिया पूरी कर ली गई। नीलाम की गई संपत्तियों में माहिम स्थित उसका वह दफ्तर भी शामिल है, जिसे 1992-93 के सांप्रदायिक दंगों के दौरान आग के हवाले कर दिया गया था। नीलामी में कई लोगों ने हिस्सा लेकर बोलियां लगाईं, हालांकि अंतिम बोली और सफल खरीदारों की आधिकारिक घोषणा अभी नहीं की गई है। पूरी प्रक्रिया तस्करी और विदेशी मुद्रा से जुड़ी अवैध संपत्तियों की जब्ती से संबंधित कानून सफेमा (SAFEMA) की प्रशासक सुरभि शर्मा की निगरानी में संपन्न हुई।

नीलाम की गई संपत्तियां और आरक्षित मूल्य

नीलामी में माहिम की अल-हुसैनी इमारत में स्थित 751 वर्ग फुट का एक फ्लैट (गैरेज सहित), 550 वर्ग फुट में बना ‘तिजारत इंटरनेशनल’ का दफ्तर और बांद्रा पश्चिम का 970 वर्ग फुट का एक फ्लैट शामिल था। सफेमा ने अल-हुसैनी फ्लैट की आरक्षित कीमत 1.90 करोड़ रुपये, तिजारत इंटरनेशनल कार्यालय की 2.05 करोड़ रुपये और बांद्रा स्थित फ्लैट की 5.20 करोड़ रुपये तय की थी।

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1993 के बम धमाकों का उद्देश्य

सीबीआई ने अपनी चार्जशीट में कहा था कि 12 मार्च 1993 को हुए सिलसिलेवार बम धमाकों की साजिश बाबरी मस्जिद ढांचा गिराए जाने का बदला लेने के उद्देश्य से रची गई थी। जांच अधिकारियों के मुताबिक, 1992-93 के दंगों के दौरान टाइगर मेमन की संपत्तियों को हुए नुकसान ने भी उसके भीतर बदले की भावना को और भड़काया था।

टाइगर मेमन का परिचय

मुश्ताक अब्दुल रज्जाक नदीम मेमन उर्फ टाइगर मेमन का जन्म 24 नवंबर 1960 को मुंबई के मोहम्मद अली रोड इलाके में हुआ था। शुरुआती दिनों में वह डोसा बंधुओं—मोहम्मद और मुस्तफा—के यहां ड्राइवर के रूप में काम करता था। बाद में उसकी पहचान दाऊद इब्राहिम गिरोह से हुई और वह उसके संपर्क में आ गया। अस्सी के दशक के मध्य में मेमन परिवार माहिम की अल-हुसैनी इमारत में रहने लगा। इसके बाद टाइगर मेमन चांदी की तस्करी के कारोबार में उतरा और धीरे-धीरे मुंबई के अपराध जगत का बड़ा नाम बन गया। टाइगर मेमन को 12 मार्च 1993 को मुंबई में 13 स्थानों पर सिलसिलेवार बम धमाकों की साजिश रचने का दोषी ठहराया गया था। इन धमाकों में 257 लोगों की मौत हुई थी, 700 से अधिक लोग घायल हुए थे और करोड़ों रुपये की संपत्ति नष्ट हो गई थी।

संपत्तियों की जब्ती और आगामी नीलामी

जांच एजेंसियों ने समय-समय पर टाइगर मेमन और उसके रिश्तेदारों की लगभग 18 संपत्तियां जब्त कीं। सफेमा ने सबसे पहले इन संपत्तियों को जब्त करने का आदेश जारी किया था। बाद में विशेष टाडा अदालत ने कोर्ट रिसीवर को इनका मालिकाना हक सफेमा को सौंपने का निर्देश दिया। इसके बाद सीबीआई, मुंबई पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) और अन्य दावेदारों के बीच कानूनी प्रक्रिया पूरी होने पर सफेमा को 17 संपत्तियों का कब्जा मिल गया। अब जिन संपत्तियों पर कोई कानूनी अड़चन नहीं है, उन्हें चरणबद्ध तरीके से नीलाम किया जा रहा है।

अन्य जब्त संपत्तियां

सांताक्रूज पूर्व के काले कल्याण इलाके में मेमन परिवार का लगभग 1,200 वर्ग मीटर का एक खाली प्लॉट भी सफेमा के कब्जे में आ चुका है। वहां से अवैध कब्जे हटाने की कार्रवाई चल रही है और दिसंबर तक उसकी नीलामी की योजना है। इसके अलावा झावेरी बाजार में 200 वर्ग मीटर की जमीन, डोंगरी की एक दुकान और कुर्ला के कपाड़िया नगर स्थित दो फ्लैटों का कब्जा भी सफेमा को मिल चुका है। सुरभि शर्मा के अनुसार, अदालत की ओर से कई बार नोटिस भेजे जाने के बावजूद मेमन परिवार ने इन संपत्तियों के संबंध में कोई जवाब नहीं दिया। इससे पहले 11 मार्च 2026 को अल-हुसैनी इमारत में ही मेमन परिवार के दो फ्लैट लगभग दो करोड़ रुपये में नीलाम किए जा चुके हैं।