बुलंद सोच, उज्जैन।
उज्जैन के सेंटमेरी स्कूल में दूसरी कक्षा में पढ़ने वाले सहस्रजीत तिवारी नामक एक बच्चे ने आठ महीने पहले एसपी प्रदीप शर्मा का एक वीडियो देखा था। इस वीडियो में एसपी एक गुम हुए बच्चे को चॉकलेट खिलाते हुए दिखाई दे रहे थे। वीडियो देखने के बाद से ही सहस्रजीत एसपी प्रदीप शर्मा का प्रशंसक बन गया था और अपने माता-पिता से ‘एसपी अंकल’ से मिलने की इच्छा जताने लगा था।
सहस्रजीत के पिता मनमोहन तिवारी ने उससे वादा किया था कि यदि वह कोई अच्छा काम करेगा, तो वे उसे एसपी से अवश्य मिलवाएंगे। हाल ही में, सहस्रजीत ने मध्य प्रदेश पुलिस के ‘नशे से दूरी है जरूरी’ अभियान पर एक वीडियो बनाया।
जब यह वीडियो एसपी प्रदीप शर्मा तक पहुंचा, तो उन्होंने बच्चे को अपने कार्यालय में बुलाने के बजाय स्वयं उससे मिलने का निर्णय लिया। एसपी प्रदीप शर्मा बच्चे से मिलने उसके घर पहुंचे।
एसपी को अपने घर देख सहस्रजीत कुछ समय के लिए हैरान हो गया। इसके बाद वह बहुत खुश हुआ कि एसपी अंकल स्वयं उससे मिलने आए हैं। पुलिस के पोस्टर को देखकर बनाया गया यह वीडियो ही सहस्रजीत के उज्जैन एसपी से मिलने का माध्यम बना और इस वीडियो ने उसके आठ महीने पहले देखे सपने को सच कर दिया।

