बुलंद सोच।

वाणी कपूर की अगली फिल्म ‘सर्वगुण संपन्न’ है, जिसका निर्देशन सोनाली रतन देशमुख कर रही हैं। निर्देशक ने इस फिल्म के आइडिया से लेकर वाणी के इससे जुड़ने और कहानी के फोकस पर खास बातचीत की।
फिल्म का विचार और कहानी का विकास
निर्देशक सोनाली रतन देशमुख के अनुसार, ‘सर्वगुण संपन्न’ की शुरुआत किसी स्टार को ध्यान में रखकर नहीं, बल्कि एक वन-लाइनर आइडिया से हुई थी। ‘शिद्दत’ के बाद मैडॉक फिल्म्स की क्रिएटिव हेड शारदा कार्की ने उन्हें लेखक सुमित घिल्डियाल के साथ तैयार की गई कहानी सुनाई।
सोनाली ने इस कहानी में एक अलग तरह की मानवीय कॉमेडी देखी, जिसके बाद स्क्रिप्ट पर कई महीनों तक काम चला। कहानी को बार-बार लिखा गया ताकि हास्य परिस्थितियों से पैदा हो और भावनात्मक संतुलन बना रहे। उन्होंने बताया कि वन-लाइनर केवल दिशा देता है, जबकि असली फिल्म स्क्रीनप्ले में तैयार होती है।
कहानी का मुख्य विषय
फिल्म पूरी तरह से फैमिली ड्रामा है और जिंदगी में आए बदलावों के इर्द-गिर्द घूमती है। सोनाली का कहना है कि फिल्म की बाहरी परत देखकर निष्कर्ष नहीं निकालना चाहिए, क्योंकि किसी एडल्ट स्टार से मिलती-जुलती शक्ल कहानी की सिर्फ शुरुआती वजह है। पूरी फिल्म एक छोटे शहर की लड़की की जिंदगी में आए बदलावों और पारिवारिक रिश्तों पर केंद्रित है।
वाणी कपूर की तैयारी और किरदार
निर्देशक सोनाली के मुताबिक, फिल्म की शूटिंग शुरू होने से पहले वाणी कपूर ने अपने किरदार पर करीब तीन महीने तक काम किया। इस दौरान लगातार स्क्रिप्ट रीडिंग, वर्कशॉप और किरदार की मानसिकता, भाषा, बॉडी लैंग्वेज व व्यवहार पर चर्चा की गई। उनका उद्देश्य वाणी से केवल अभिनय कराना नहीं, बल्कि उन्हें उस लड़की की दुनिया और व्यक्तित्व में पूरी तरह ढालना था, ताकि स्क्रीन पर उनका किरदार स्वाभाविक लगे।
स्क्रिप्ट के कई ड्राफ्ट पूरे होने के बाद ही वाणी को कहानी सुनाई गई और वह फिल्म से जुड़ीं। इस फिल्म में वाणी अपनी अब तक की ग्लैमरस स्क्रीन इमेज से अलग ऋषिकेश की एक साधारण, चश्मा लगाने वाली और सलवार-कमीज पहनने वाली लड़की के किरदार में नजर आएंगी। सोनाली ने यह भी कहा कि कई बार सेट इमेज से निकलकर सामान्य किरदार निभाना भी चुनौतीपूर्ण होता है।
ऋषिकेश का महत्व
सोनाली ने बताया कि फिल्म के लिए ऋषिकेश का चयन केवल खूबसूरत लोकेशन की वजह से नहीं किया गया। धार्मिक माहौल, छोटे शहर की सामाजिक संरचना और पारिवारिक जीवन कहानी का अहम हिस्सा हैं।
शूटिंग स्थान और फिल्म का लक्ष्य
फिल्म की शूटिंग ऋषिकेश के साथ हरिद्वार और देहरादून में भी हुई, लेकिन कहानी की आत्मा ऋषिकेश में ही बसती है। सोनाली का यह भी कहना है कि फैमिली कॉमेडी में पंचलाइन से ज्यादा रिश्तों की केमिस्ट्री काम करती है। अगर फिल्म खत्म होने के बाद दर्शक मुस्कुराते हुए सिनेमाघर से बाहर निकलेंगे, तो वही ‘सर्वगुण संपन्न’ की सबसे बड़ी सफलता होगी।

