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2026-10-17

विद्वान जनता पार्टी ने 15 वादों का एजेंडा जारी किया; पढ़े-लिखों को टिकट और भाई-भतीजावाद खत्म करने पर जोर

bulandsochnews Senior News Reporter

बुलंद सोच।

मध्य प्रदेश के सरकारी कॉलेजों में नियमितीकरण और नौकरी में स्थायित्व की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे अतिथि विद्वानों ने अपने राजनीतिक संगठन ‘विद्वान जनता पार्टी’ (VJP) का एजेंडा जारी कर दिया है। पार्टी के पोस्टरों में अतिथि विद्वानों के नियमितीकरण, रोजगार, शिक्षा, महंगाई, भ्रष्टाचार और शासन में आम जनता की भागीदारी समेत 15 प्रमुख एजेंडों को शामिल किया गया है।

पार्टी ने अपना चुनाव चिह्न ‘सफेद कमल का फूल’ बताया है। अतिथि विद्वानों ने 15 सितंबर को VJP के गठन की सांकेतिक घोषणा की थी। पार्टी के संस्थापक के तौर पर पोस्टर में डॉ. आरके सिंह का नाम दिया गया है। अब 30 सितंबर से सदस्यता अभियान शुरू करने की तैयारी है।

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VJP के एजेंडे में सबसे पहले अतिथि विद्वानों के स्थायित्व और नियमितीकरण की बात कही गई है। इसके साथ वर्ग-1, 2 और 3 के अतिथि शिक्षकों के स्थायित्व एवं नियमितीकरण को भी शामिल किया गया है। पार्टी ने संविदा कर्मचारियों के नियमितीकरण तथा स्वास्थ्य विभाग के आउटसोर्सिंग और ठेका कर्मचारियों को नियमित करने की बात कही है। अन्य विभागों में आउटसोर्स और ठेका व्यवस्था के तहत काम कर रहे कर्मचारियों के स्थायित्व और भविष्य की सुरक्षा को भी एजेंडे में रखा गया है।

पार्टी के प्रमुख मुद्दों में अशिक्षा और बेरोजगारी खत्म करना, महंगाई और भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाना तथा बेरोजगारों के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा करना शामिल है। पोस्टर में अन्याय के खिलाफ आवाज उठाने, कमजोर और वंचित वर्गों के अधिकारों की रक्षा करने तथा शासन-प्रशासन और सरकारी नौकरियों में भाई-भतीजावाद खत्म करने की बात कही गई है।

VJP ने राजनीति में शिक्षित युवाओं और आम शिक्षित लोगों की भागीदारी बढ़ाने को भी अपने एजेंडे में शामिल किया है। पार्टी ने सरकार में आम जनता की भागीदारी सुनिश्चित करने और वीआईपी कल्चर खत्म करने की बात कही है। पोस्टर पर ‘शिक्षित समाज, सशक्त भारत’ और ‘समान अवसर सभी के लिए’ जैसे संदेश दिए गए हैं। पार्टी का नारा ‘सत्ता नहीं, सेवा | समर्पण’ है।

VJP का एजेंडा ऐसे समय सामने आया है, जब अतिथि विद्वानों का आंदोलन 3 अक्टूबर तक स्थगित है। उनकी मुख्य मांग है कि स्थायित्व की नीति बनने तक ‘फॉलन आउट’ प्रक्रिया रोकी जाए। फॉलन आउट में नियमित प्राध्यापक की नियुक्ति या तबादले के बाद पहले से काम कर रहे अतिथि विद्वान की सेवा समाप्त होने की स्थिति बनती है। अतिथि विद्वानों ने कहा है कि 3 अक्टूबर तक मांगों पर ठोस फैसला नहीं हुआ तो 4 अक्टूबर से आंदोलन का अगला चरण शुरू किया जाएगा। इसी बीच VJP ने 30 सितंबर से सदस्यता अभियान शुरू करने की तैयारी की है।