बुलंद सोच,।

पिछले साल दिसंबर में मध्य प्रदेश में महज़ 48 घंटे के भीतर हुए दो ट्रेनी एयरक्राफ्ट क्रैश के मामलों में एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) की शुरुआती जांच रिपोर्ट आ गई है। रिपोर्ट में दोनों ही विमान हादसों की अलग-अलग और सटीक वजहों का खुलासा हुआ है। 8 दिसंबर को सिवनी में रेडबर्ड अकेडमी का विमान दुर्घटनाग्रस्त हुआ था, वहीं ठीक दो दिन बाद 10 दिसंबर को सागर के ढाना में चाइम्स एविएशन का एयरक्राफ्ट क्रैश हो गया था। दोनों हादसों में गनीमत यह रही कि कोई जनहानि नहीं हुई।
सागर हादसे का विवरण
AAIB की रिपोर्ट के अनुसार, सागर के ढाना एयरस्ट्रिप पर 10 दिसंबर को चाइम्स एविएशन का सेसना-172S विमान लैंडिंग के दूसरे प्रयास में टचडाउन ज़ोन से आगे हवा में तैरता रहा। रनवे पार होता देख एटीसी कंट्रोलर ने ट्रेनी पायलट को ‘गो-अराउंड’ (उड़ान वापस ऊपर उठाने) का निर्देश दिया। निर्देश मिलते ही पायलट ने जैसे ही थ्रॉटल बढ़ाया, विमान अचानक तेजी से ऊपर की तरफ उठा (Pitch Up) और बाईं ओर रोल होकर रनवे से बाहर कच्चे इलाके में जा गिरा।

सिवनी हादसे का विवरण
सिवनी के सुकतारा एयरफील्ड के पास 8 दिसंबर को रेडबर्ड अकेडमी के टेकनम (TECNAM P-Mentor) विमान की लैंडिंग अप्रोच के दौरान अचानक इंजन के आरपीएम में गिरावट आ गई। इंस्ट्रक्टर के कहने पर थ्रॉटल 75% पर होने के बावजूद पावर नहीं मिली। इसके बाद इंस्ट्रक्टर ने कंट्रोल अपने हाथ में लेकर खेत में इमरजेंसी फोर्स लैंडिंग की कोशिश की, लेकिन रास्ते में विमान बिजली के तारों से टकराकर क्रैश हो गया।
आगे की जांच और अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों को सूचना
AAIB की जांच में सामने आया है कि दोनों ही विमानों का मेंटेनेंस रिकॉर्ड दुरुस्त था, उड़ान से पहले कोई खराबी दर्ज नहीं थी और पायलटों का सांस परीक्षण (BA Test) भी क्लियर था। हादसों की अंतिम वजहों को पूरी तरह स्पष्ट करने के लिए AAIB ने दोनों विमानों के डिजिटल डिस्प्ले के मेमोरी कार्ड, इंजन कंट्रोल यूनिट (ECU), सीसीटीवी फुटेज और फ्यूल सैंपल जांच के लिए लैब भेजे हैं। नियमानुसार अमेरिकी (NTSB) और जर्मन (BFU) जांच एजेंसियों को भी सूचित कर दिया गया है।


