बुलंद सोच।

भारत की 18 वर्षीय स्क्वैश खिलाड़ी अनाहत सिंह ने वर्ल्ड स्क्वैश जूनियर चैंपियनशिप 2026 का खिताब जीत लिया है। शनिवार को खेले गए गर्ल्स सिंगल्स फाइनल में शीर्ष वरीयता प्राप्त अनाहत ने मिस्र की दूसरी वरीयता प्राप्त रुक्या सलेम को 11-3, 11-7, 11-9 से पराजित किया। इस जीत के साथ ही अनाहत जूनियर वर्ल्ड चैंपियन बनने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी बन गई हैं।
अनाहत की इस उपलब्धि ने जोशना चिनप्पा के 21 साल पुराने रिकॉर्ड को तोड़ दिया है। इससे पहले, भारत का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 2005 में रहा था, जब जोशना चिनप्पा फाइनल तक पहुंची थीं। अनाहत ने अब इस टूर्नामेंट में भारत के लिए पहला स्वर्ण पदक जीता है।

यह जीत गर्ल्स जूनियर वर्ल्ड चैंपियनशिप में मिस्र के 15 साल पुराने दबदबे को भी समाप्त करती है। वर्ष 2011 से लगातार मिस्र की खिलाड़ी ही यह खिताब जीत रही थीं। अनाहत ने फाइनल में रुक्या सलेम को हराकर इस क्रम को तोड़ दिया।
अनाहत ने पूरे टूर्नामेंट में कुल 6 मैच खेले और इस दौरान केवल 2 गेम गंवाए।
पिछले वर्ष अनाहत ने जूनियर वर्ल्ड चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीता था, जिसे उन्होंने इस बार स्वर्ण में बदल दिया है। चार बार की चैंपियन मिस्र की अमीना ओर्फी इस बार उम्र सीमा के कारण टूर्नामेंट में हिस्सा नहीं ले पाई थीं।
अन्य खिलाड़ियों का प्रदर्शन और भविष्य की योजनाएं
गर्ल्स वर्ग में अनाहत के अतिरिक्त रुद्र सिंह, अनिका दुबे और शानवी कलंकी राउंड ऑफ-32 में बाहर हो गईं।
बॉयज वर्ग में आर्यवीर दीवान भारत के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी रहे, जो प्री-क्वार्टर फाइनल तक पहुंचे। युशा नफीस और गुरवीर सिंह राउंड ऑफ-32 में जबकि पुरव रामभिया राउंड ऑफ-64 में पराजित हुए।
सीनियर पीएसए वर्ल्ड रैंकिंग में 20वें स्थान पर काबिज अनाहत की नजरें अब 2028 लॉस एंजिल्स ओलंपिक पर हैं, जहां स्क्वैश को पहली बार शामिल किया गया है।

