बुलंद सोच, बालाघाट।

बालाघाट कलेक्ट्रेट के जनसुनवाई हाल में रोज की तरह भीड़ थी। अपनी बारी का इंतजार कर रहे लोगों के बीच लांजी तहसील के ग्राम उमरी की दिव्यांग देवेश्वरी हरिनखेड़े भी बैठी थीं। वह अपने 70 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्ग माता-पिता के सहारे की गुहार लेकर आई थीं।
जनसुनवाई के दौरान कलेक्टर कुमार सत्यम की नजर जब दिव्यांग देवेश्वरी पर पड़ी तो वे स्वयं चलकर उनके पास पहुंचे। कलेक्टर को अपने पास देखकर देवेश्वरी भावुक हो गईं और उन्होंने अपनी पूरी व्यथा सुनाई। देवेश्वरी ने कहा कि यदि उन्हें रोजगार मिल जाए तो वह अपने माता-पिता की बेहतर देखभाल कर सकेंगी।
देवेश्वरी के संघर्ष और हौसले को सुनकर कलेक्टर ने तत्काल निर्णय लिया। उन्होंने मौके पर मौजूद प्रभारी सीएमएचओ डॉ. ऋत्विक पटेल को निर्देश दिए कि देवेश्वरी को लांजी सिविल अस्पताल की ओपीडी में आउटसोर्स पर पर्ची बनाने का कार्य दिया जाए।
कलेक्टर ने देवेश्वरी से कहा, “आपको शीघ्र सूचना दी जाएगी, आप लांजी अस्पताल में काम शुरू कर दीजिए”। यह सुनते ही देवेश्वरी की आंखें खुशी और कृतज्ञता से भर आईं। कलेक्टर की इस मानवीय पहल की जनसुनवाई में मौजूद सभी लोगों ने सराहना की।

