बुलंद सोच।
बेतवा एक्सप्रेस में चेकिंग के दौरान आरपीएफ चित्रकूट और क्राइम विंग झांसी की संयुक्त टीम ने एक व्यक्ति को 63 लाख रुपये की नकदी के साथ पकड़ा है। इतनी बड़ी रकम बरामद होने के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने मामले की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक पूछताछ में पकड़े गए व्यक्ति द्वारा रकम के संबंध में दी गई जानकारी जांच टीम को संतोषजनक नहीं लगी।
संदिग्ध गतिविधियां और पूछताछ
जानकारी के अनुसार, आरपीएफ चित्रकूट और क्राइम विंग झांसी की संयुक्त टीम बेतवा एक्सप्रेस में नियमित चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान टीम को एक व्यक्ति की गतिविधियां संदिग्ध लगीं। उसके बैग की तलाशी ली गई तो उसमें बड़ी मात्रा में नकदी बरामद हुई। नकदी की गिनती किए जाने पर कुल 63 लाख रुपये सामने आए। इतनी बड़ी रकम मिलने के बाद टीम ने व्यक्ति से पूछताछ शुरू की और रकम से संबंधित दस्तावेज तथा उसके स्रोत के बारे में जानकारी मांगी।
पहचान और अस्पष्ट जानकारी
पकड़े गए व्यक्ति की पहचान प्रीतम दास, निवासी सिंधी कैंप, जिला सतना के रूप में बताई गई है। पूछताछ के दौरान वह बरामद 63 लाख रुपये के संबंध में स्पष्ट और संतोषजनक जानकारी नहीं दे सका। जांच के दौरान प्रीतम दास ने कथित तौर पर बताया कि यह रकम उसे संजय उर्फ संजू नामक व्यक्ति ने दी थी और इसे कानपुर पहुंचाना था।
हवाला कारोबार की आशंका
इतनी बड़ी मात्रा में नकदी मिलने और रकम के संबंध में स्पष्ट जानकारी नहीं मिलने के बाद एजेंसियों को आशंका है कि यह रकम हवाला के जरिए कानपुर भेजी जा रही थी। हालांकि, रकम वास्तव में हवाला कारोबार से जुड़ी है या नहीं, इसकी पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
जांच का दायरा
जांच एजेंसियां अब इस बात का पता लगाने में जुटी हैं कि रकम का वास्तविक मालिक कौन है, पैसा कहां से आया और इसे कानपुर में किस व्यक्ति तक पहुंचाया जाना था। पूछताछ में प्रीतम दास द्वारा संजय उर्फ संजू का नाम बताए जाने के बाद अब जांच एजेंसियों की नजर उस व्यक्ति पर भी है। एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि प्रीतम दास को 63 लाख रुपये किस उद्देश्य से दिए गए थे और इस पूरी रकम के लेन-देन में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।
आगे की कार्रवाई
फिलहाल बरामद 63 लाख रुपये मामले की जांच का प्रमुख केंद्र बने हुए हैं। एजेंसियां रकम के स्रोत, उसके मालिक और कानपुर तक पहुंचाने के उद्देश्य की जांच कर रही हैं। साथ ही यह भी पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि क्या इस रकम का संबंध किसी संगठित हवाला नेटवर्क से है। मामले में आगे की कार्रवाई जांच एजेंसियों द्वारा उपलब्ध दस्तावेजों, पूछताछ और अन्य साक्ष्यों के आधार पर की जाएगी। हवाला से जुड़े होने की बात फिलहाल जांच के स्तर पर है और इसकी आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।

