BREAKING NEWS
2026-08-06

भोपाल में साइबर ठगों ने सेवानिवृत्त अधिकारी, इंजीनियर और कारोबारी से लाखों ठगे

bulandsochnews Senior News Reporter

बुलंद सोच, भोपाल।

मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल (एमपी बोर्ड) के एक सेवानिवृत्त अधिकारी साइबर अपराधियों के शिकार बन गए हैं। ठगों ने उनके बैंक खाते से तीन अलग-अलग ट्रांजेक्शन में कुल 99 हजार रुपये निकाल लिए। इसके बाद उनके क्रेडिट कार्ड को लेकर भी मोबाइल पर लगातार ओटीपी आने लगे। शिकायत पर हबीबगंज साइबर थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

Advertisement

पुलिस के अनुसार, 62 वर्षीय अनिल कुमार झारिया हबीबगंज क्षेत्र स्थित रविशंकर नगर के रहने वाले हैं और एमपी बोर्ड कार्यालय से सेवानिवृत्त अधिकारी हैं। उन्होंने शिकायत में बताया कि 22 जुलाई को दोपहर करीब 2 से 2:15 बजे के बीच उनके बैंक खाते से 37-37 हजार रुपये के दो और 25 हजार रुपये का एक ट्रांजेक्शन हुआ।

अगले दिन उनके मोबाइल पर क्रेडिट कार्ड से संबंधित लगातार ओटीपी आने लगे। शिकायत में उन्होंने बताया कि उनके आइसीआइसीआइ बैंक के क्रेडिट कार्ड से भी अनधिकृत लेनदेन किए गए। पुलिस ने धोखाधड़ी का प्रकरण दर्ज कर बैंक ट्रांजेक्शन और मोबाइल नंबरों के आधार पर जांच शुरू कर दी है।

सॉफ्टवेयर इंजीनियर से रिवार्ड प्वाइंट के नाम पर ठगी

क्रेडिट कार्ड के रिवार्ड प्वाइंट रिडीम कराने का झांसा देकर साइबर ठगों ने एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर से 42,005 रुपये की ठगी कर ली। ठगों ने पहले बैंक अधिकारी बनकर फोन किया, मुफ्त रिवार्ड लेने की योजना समझाई और फायदा लेने का अंतिम दिन भी बताया।

सेकेंड स्टाप, तुलसी नगर में रहने वाले 25 वर्षीय भूपेश रैकवार एक निजी कंपनी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं। उन्होंने शिकायत में बताया कि 28 जुलाई को दोपहर करीब दो बजे वह घर पर लैपटॉप के जरिए क्लाइंट के साथ वीडियो मीटिंग में व्यस्त थे। इसी दौरान एक अज्ञात व्यक्ति ने फोन कर खुद को क्रेडिट कार्ड कंपनी का प्रतिनिधि बताते हुए कहा कि उनके रिवार्ड प्वाइंट रिडीम करने का आखिरी दिन है।

ठग ने भूपेश को एक वेबसाइट पर जाकर लॉगिन करने और नाम, पता, ई-मेल, क्रेडिट कार्ड नंबर व कार्ड लिमिट जैसी जानकारी भरने के लिए कहा। इसके बाद मोबाइल पर आए ओटीपी को भी साझा करने के लिए कहा। ओटीपी बताते ही उनके खाते से 42,005 रुपये कटने का मैसेज आ गया। ठगी का एहसास होने पर भूपेश ने साइबर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।

आर्मी मेजर बनकर कारोबारी से ठगी

सेना के अधिकारी बनकर फर्नीचर कारोबारी से एक लाख रुपये की साइबर ठगी का मामला सामने आया है। ठग ने इंडिया मार्ट के जरिए संपर्क कर खुद को आर्मी में मेजर बताया और 10 झूले खरीदने का 2.08 लाख रुपये का ऑर्डर दिया। सामान तैयार होने के बाद उसने भुगतान प्रक्रिया के नाम पर कारोबारी को झांसे में ले लिया।

कटारा हिल्स निवासी अनिल विश्वकर्मा (42) की बगरौदा इंडस्ट्रियल एरिया में फर्नीचर निर्माण की यूनिट है। पुलिस के अनुसार, 10 जुलाई को आरोपित ने संपर्क कर व्हाट्सएप पर फर्जी वर्क ऑर्डर भेजा। 27 जुलाई को सामान तैयार होने की सूचना देने पर उसने भुगतान के लिए एक बैंक खाता और एक कोड भेजा।

भरोसा जीतने के लिए पहले 5 रुपये ट्रांसफर करवाकर 10 रुपये वापस भेजे। इसके बाद कारोबारी से दो बार 99,995 रुपये ट्रांसफर करा लिए। बाद में पूरी राशि ट्रांसफर करने का दबाव बनाया तो कारोबारी को शक हुआ। सैन्य अधिकारियों से वर्क ऑर्डर की पुष्टि कराने पर ठगी का पता चला। शिकायत पर साइबर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

अन्य साइबर ठगी

मध्य प्रदेश की सबसे बड़ी साइबर ठगी के तहत 21.05 करोड़ रुपये की ठगी में एक भाजपा जिला पंचायत सदस्य को गिरफ्तार किया गया।