बुलंद सोच, भोपाल।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने राज्य सरकार पर भोपाल की जनता को स्वच्छ पानी के स्थान पर सीवेज युक्त दूषित जल पीने के लिए मजबूर करने का आरोप लगाया है। उन्होंने पेयजल आपूर्ति व्यवस्था को पूरी तरह से विफल बताते हुए सरकार पर गंभीर लापरवाही के आरोप भी लगाए।
जीतू पटवारी के अनुसार, बड़े तालाब से भोपाल शहर में सप्लाई होने वाले पानी के लगभग 90 प्रतिशत सैंपल में सीवेज जनित ‘फीकल कोलीफॉर्म बैक्टीरिया’ पाया गया है। इसके अतिरिक्त, कोलार योजना के तहत होने वाली पेयजल आपूर्ति के भी करीब 25 प्रतिशत सैंपल तय मानकों पर खरे नहीं उतरे हैं।
पटवारी ने यह भी कहा कि सरकार सुशासन के बड़े-बड़े दावे कर रही है, जबकि मध्य प्रदेश की राजधानी की पेयजल व्यवस्था पूरी तरह ‘भगवान भरोसे’ चल रही है। उन्होंने दूषित पानी से जलजनित बीमारियों और महामारी का खतरा मंडराने की आशंका जताई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए कांग्रेस पार्टी ने प्रशासन और राज्य सरकार से कुछ प्रमुख मांगें उठाई हैं। इनमें पूरे पेयजल घोटाले और लापरवाही की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराना शामिल है।
कांग्रेस ने यह भी मांग की है कि पानी की गुणवत्ता जांच और निगरानी में ढिलाई बरतने वाले जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाए तथा दोषी अधिकारियों एवं कर्मचारियों पर तत्काल प्रभाव से कड़ी दंडात्मक कार्रवाई हो। इसके साथ ही, दूषित पानी से प्रभावित क्षेत्रों में तुरंत स्वच्छ पेयजल के टैंकर, स्वास्थ्य शिविर (मेडिकल कैंप) और चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने स्पष्ट चेतावनी दी कि भोपाल की जनता के ‘सुरक्षित और स्वच्छ पेयजल के अधिकार’ के लिए कांग्रेस पार्टी सड़क से लेकर सदन तक हर स्तर पर संघर्ष करेगी।

