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2026-07-27

भोपाल के 100 साल पुराने कमाली माता मंदिर विवाद में कलेक्टर ने दिए जांच के आदेश, सांसद आलोक शर्मा ने विरोध जताया

bulandsochnews Senior News Reporter

बुलंद सोच, भोपाल।

पुराने शहर के घोड़ानक्कास स्थित करीब 100 साल पुराने कमाली मंदिर को तोड़कर शॉपिंग कॉम्प्लेक्स बनाने की बात पर बड़ा बवाल खड़ा हो गया है। सांसद आलोक शर्मा इसके विरोध में खड़े हो गए। शनिवार को सांसद आलोक शर्मा के नेतृत्व में क्षेत्रीय लोगों का प्रतिनिधिमंडल कलेक्टर के पास पहुंचा। उन लोगों ने बताया कि मंदिर प्रबंधन ने उस कॉम्प्लेक्स के लिए प्रतिमाएं रातों-रात हटा दी थीं, जिसे भारी विरोध के बाद वापस स्थापित किया गया है।

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प्रशासनिक कार्रवाई और बैठक

शॉपिंग कॉम्प्लेक्स के निर्माण का विरोध बढ़ने पर कलेक्टर प्रियंक मिश्रा ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं। इस मामले पर कलेक्टर कार्यालय में एक बैठक हुई। पुराने शहर के सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों के पदाधिकारियों ने कहा कि कमाली मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि पुराने भोपाल की आस्था, संस्कृति और परंपरा का प्रतीक है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मंदिर परिसर में शॉपिंग कॉम्प्लेक्स का निर्माण किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं होगा। बैठक में यह भी बताया गया कि पुराने भोपाल के अनेक क्षेत्रों के लोग विवाह से पूर्व माता पूजन तथा विवाह संपन्न होने के बाद नवविवाहित जोड़े के साथ इसी मंदिर में पूजा-अर्चना करने की परंपरा निभाते हैं। ऐसे में मूर्तियों के हटाए जाने से श्रद्धालुओं की धार्मिक परंपराएं प्रभावित हुई हैं, इसलिए मूर्तियों की शीघ्र पुनर्स्थापना आवश्यक है।

सांसद का दौरा और आश्वासन

बैठक के बाद सांसद आलोक शर्मा कमाली मंदिर भी गए। वहां उन्होंने कहा कि मंदिर परिसर में व्यावसायिक निर्माण धार्मिक भावनाओं के अनुरूप नहीं है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि मंदिर परिसर में शॉपिंग कॉम्प्लेक्स का निर्माण नहीं होने दिया जाएगा तथा समाज के विभिन्न संगठनों के सहयोग से मंदिर को संरक्षित एवं और अधिक भव्य बनाया जाएगा। उन्होंने प्रशासन से यह भी आग्रह किया कि हटाई गई सभी मूर्तियों को सम्मानपूर्वक पुनः स्थापित किया जाए, जिससे श्रद्धालुओं को पुनः माताजी एवं अन्य देवी-देवताओं के दर्शन का सौभाग्य प्राप्त हो सके।

विभिन्न पक्षों के आरोप-प्रत्यारोप

भोपाल किराना व्यापारी महासंघ के महामंत्री विवेक साहू ने कहा कि कमाली मंदिर ट्रस्ट ने मंदिर परिसर में दो शॉपिंग कॉम्प्लेक्स का निर्माण कर लिया है और तीसरे की तैयारी है। उन्होंने आरोप लगाया कि शॉपिंग कॉम्प्लेक्स के लिए रास्ता बनाने के लिए मंदिर को हटाने की साजिश की जा रही है। साहू ने यह भी कहा कि मूर्तियां श्रद्धालुओं को सूचना दिए बिना रातों-रात स्थानांतरित की गई थीं, जिससे पता चलता है कि मंदिर प्रबंधन के मन में खोट है। वहीं, कमाली मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष राजू महाराज ने कहा कि मंदिर बेहद जीर्ण-शीर्ण है और उसकी छत कभी भी ढह सकती है। उन्होंने बताया कि दुर्घटना से बचाने के लिए मूर्तियों को स्थानांतरित किया गया था, शॉपिंग कॉम्प्लेक्स के लिए उसे नहीं हटाया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि जांच के लिए समिति का गठन किया जा रहा है, और वे समिति के निर्णय का स्वागत करेंगे।

घटनाक्रम और मूर्तियों की वर्तमान स्थिति

दरअसल, इस पुराने मंदिर का विवाद नौ जुलाई को सामने आया। वहां पहुंचे श्रद्धालुओं ने मंदिर को खाली पाया। पता चला कि आठ जुलाई की रात को प्रबंधन ने मंदिर की देवी-देवताओं की मूर्तियां पास में ही स्थित एक दूसरे मंदिर में पहुंचा दिया था। इसकी जानकारी होते ही स्थानीय लोग विरोध पर उतर आए। नाराज भक्तों ने माताजी की छोटी मूर्तियों और पिंडियों को स्वयं उठाकर वापस उनके मूल स्थान (प्राचीन कमाली मंदिर) पर स्थापित कर दिया। हालांकि, बड़ी मूर्तियां फिलहाल उसी अस्थायी मंदिर में ही रखी हुई हैं। श्रद्धालुओं का कहना है कि अस्थायी मंदिर में रखी मूर्तियों की भी पूरे विधि-विधान से पुन: स्थापना की जानी चाहिए।