बुलंद सोच, भोपाल।
राजधानी में फ्लाईओवर और चौड़ी सड़कों के साथ आधुनिक ट्रैफिक सिस्टम के दावों के बावजूद, कई प्रमुख चौराहों पर ट्रैफिक व्यवस्था स्वयं अव्यवस्था का शिकार है।
इन चौराहों पर कहीं चार रास्तों में से केवल दो सिग्नल काम कर रहे हैं, कहीं एक महीने से सिग्नल का पोल टूटा हुआ है, तो कहीं सिग्नल ऐसी जगह लगा है कि वह वाहन चालकों को दिखाई ही नहीं देता। इसके परिणामस्वरूप, हजारों वाहन चालक नियमों के बजाय अनुमान, हॉर्न और अन्य वाहनों की चाल देखकर चौराहे पार करने को विवश हैं।
‘नवदुनिया’ ने शहर के उन प्रमुख चौराहों का जायजा लिया है, जहाँ ट्रैफिक सिग्नल स्वयं व्यवस्था की सबसे कमजोर कड़ी बन गए हैं।
प्रभात चौराहा: चार रास्तों पर दो सिग्नल
प्रभात चौराहा वर्तमान में मेट्रो और पुल निर्माण के कारण पहले से ही दबाव में है। यहाँ चार दिशाओं से वाहन आते हैं, परंतु ट्रैफिक नियंत्रण हेतु केवल दो सिग्नल ही संचालित हैं।
रायसेन रोड और पुल-बोगदा की ओर जाने वाले मार्गों पर सिग्नल उपलब्ध नहीं हैं। इसके विपरीत, सुभाष आरओबी और अशोका गार्डन की ओर जाने वाले वाहन ही सिग्नल का पालन करते हैं। इस स्थिति में, शेष दो दिशाओं से आने वाले वाहन अवसर देखकर निकलते हैं, जिससे हर समय टकराव और जाम की स्थिति बनी रहती है।
प्रगति चौराहा: एक माह से तीन सिग्नलों के भरोसे
प्रगति चौराहे की समस्या भिन्न है। लगभग एक महीने पूर्व एक ट्रक सिग्नल का पोल उखाड़कर चला गया था, परंतु उसे अब तक दोबारा स्थापित नहीं किया गया है। इसका परिणाम यह है कि पूरा चौराहा केवल तीन सिग्नलों के सहारे संचालित हो रहा है।
सबसे अधिक परेशानी एमपी नगर की ओर जाने वाले मार्ग पर है, जहाँ सिग्नल बंद होने के कारण वाहन चालकों को अनुमान से आगे बढ़ना पड़ता है। कई बार पीछे लगे सेकेंडरी सिग्नल को देखकर लोग आगे वाले वाहन को हॉर्न बजाकर संकेत देते हैं।
ज्योति टाकीज चौराहा: छिपा हुआ सिग्नल
यह शहर के सबसे विचित्र ट्रैफिक सिग्नलों में से एक है। जोन-1 से ज्योति टॉकीज चौराहे की ओर आने वाले वाहन चालकों को लाल-हरा सिग्नल दिखाई नहीं देता, क्योंकि वह महाराणा प्रताप की प्रतिमा के पीछे छिपा हुआ है।
चालकों को या तो काफी आगे बढ़ने के बाद सिग्नल दिखाई देता है, या फिर पीछे से आने वाले वाहन हॉर्न बजाकर यह संकेत देते हैं कि सिग्नल बदल चुका है। इस स्थिति में, नियमों का पालन करने वाला चालक भी असमंजस में रहता है।
एडिशनल डीसीपी ट्रैफिक का बयान
एडिशनल डीसीपी ट्रैफिक बसंत कौल ने बताया कि जहाँ-जहाँ ट्रैफिक सिग्नल खराब हैं, वहाँ संबंधित सड़क निर्माण एजेंसियों को पत्र लिखकर अवगत कराया गया है। एजेंसियों के साथ साइट विजिट भी की गई है। उन्होंने आगे कहा कि फिलहाल इन स्थानों पर पुलिसकर्मी ट्रैफिक का संचालन कर रहे हैं और जल्द ही सभी सिग्नलों की मरम्मत और व्यवस्था दुरुस्त कराई जाएगी।

