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2026-08-10

ब्यावरा में 10 करोड़ के लोन के झांसे में 65 लाख की ठगी, इंदौर के दो जालसाजों पर FIR दर्ज

bulandsochnews Senior News Reporter

बुलंद सोच, ब्यावरा।

शहर के एक पेट्रोल पंप संचालक और उसके साझेदारों से व्यापार बढ़ाने के लिए 10 करोड़ रुपये का लोन दिलाने का सपना दिखाकर करीब 65 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। आरोप है कि इंदौर के दो व्यक्तियों ने इस धोखाधड़ी को अंजाम दिया।
इन आरोपियों ने खुद को बड़े वित्तीय संस्थानों से जुड़ा बताकर पहले करोड़ों का लोन मंजूर कराने का भरोसा दिलाया, फिर प्रोसेसिंग फीस, मॉर्गेज, सरकारी शुल्क, डायवर्सन और अन्य औपचारिकताओं के नाम पर करीब दो साल तक किस्तों में 65 लाख रुपये वसूलते रहे।
जब न तो लोन मिला और न ही रकम वापस हुई, तो पीड़ित की शिकायत पर ब्यावरा शहर थाना पुलिस ने इंदौर निवासी योगेश अटोले उर्फ योगेश पाटिल और मनीष कटियार के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार, यह प्रकरण एचपी पेट्रोल पंप संचालक गोविंद पिता मोहनदास गुप्ता (39) की शिकायत पर धारा 318(4) एवं 61(2) बीएनएस के तहत दर्ज किया गया है।

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करोड़ों के लोन का जाल

शिकायत के अनुसार, नवंबर 2023 में एक परिचित के माध्यम से दोनों आरोपियों से संपर्क हुआ था। आरोपियों ने दावा किया था कि वे बड़े वित्तीय संस्थानों और ऋण उपलब्ध कराने वाले लोगों से जुड़े हैं तथा कम समय में 10 करोड़ रुपये का लोन स्वीकृत करा देंगे।
भरोसा दिलाने के बाद उन्होंने व्यापार से जुड़े गोपनीय दस्तावेज, ऑडिट रिपोर्ट, आयकर रिटर्न, बैंक स्टेटमेंट, आधार-पैन कार्ड, फर्म के दस्तावेज और अन्य रिकॉर्ड अपने कब्जे में ले लिए।

रकम वसूली का तरीका

आरोप है कि दोनों ने पहले भोपाल स्थित कार्यालय बुलाकर 2 प्रतिशत प्रोसेसिंग फीस के नाम पर 20 लाख रुपये नकद ले लिए।
इसके बाद लगातार नए-नए बहाने बनाकर राशि की मांग करते रहे। जनवरी 2025 में इंदौर स्थित एमपी एसोसिएट्स के खाते में 10 लाख रुपये आरटीजीएस से जमा कराए गए। बाद में 22 लाख रुपये और फिर 13 लाख रुपये नकद भी लिए गए।
आरोपियों ने पीड़ितों का भरोसा बनाए रखने के लिए लेटरहेड और चेक भी दिए, लेकिन लोन स्वीकृत नहीं कराया।
पीड़ित ने आरोप लगाया कि आरोपियों ने सुरक्षा और प्रक्रिया पूरी करने का हवाला देकर कई दस्तावेजों तथा खाली कागजों पर हस्ताक्षर कराए। उन्होंने विभिन्न फर्मों के खाली हस्ताक्षरित चेक भी अपने पास रख लिए।
बाद में वैदिका साख सहकारी संस्था के नाम पर भी एग्रीमेंट कराकर कई पन्नों पर हस्ताक्षर कराए गए, लेकिन इसके बावजूद लोन नहीं मिला।

शिकायत और जांच

जब पीड़ित और उसके साझेदारों ने अपनी रकम और दस्तावेज वापस मांगे, तो आरोपी लगातार बहाने बनाते रहे।
इसके बाद मामले की शिकायत ब्यावरा शहर थाने में की गई। पुलिस ने आवेदन, बैंक दस्तावेज, चेक, रिकॉर्डिंग और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।