बुलंद सोच, मुरैना।

राष्ट्रीय चंबल सेंचुरी में जारी अवैध रेत खनन पर नकेल कसने के लिए वन विभाग एक बड़ा एक्शन प्लान लागू करने जा रहा है। सुप्रीम कोर्ट की सख्ती के बाद मुरैना जिले में 16 स्मार्ट चेकपोस्ट बनाए जाएंगे। बीहड़ में होने वाली हलचल पर थर्मल स्कैनिंग ड्रोन से नजर रखी जाएगी। हाईटेक कंट्रोल सेंटर से ड्रोन और कैमरों की रियल टाइम मॉनिटरिंग होगी। सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए 100 एसएएफ जवानों के साथ 200 फॉरेस्ट गार्ड तैनात किए जा रहे हैं।
अनुभवी वनरक्षकों की तैनाती
वन विभाग ने 12 संवेदनशील जिलों में तैनात अपने 34 अनुभवी और तेज-तर्रार वनरक्षकों का तबादला तुरंत प्रभाव से मुरैना कर दिया है। ये सभी गार्ड पहले भी अलग-अलग वन माफियाओं का सामना कर चुके हैं। इनमें से ज्यादातर ग्वालियर-चंबल के मूल निवासी हैं, जो स्थानीय बीहड़ के भूगोल और माफिया के नेटवर्क से अच्छी तरह वाकिफ हैं।
वनकर्मियों को मिला कानूनी कवच
यह तैनाती उस ऐतिहासिक फैसले के तुरंत बाद हुई है, जिसमें वनकर्मियों को ड्यूटी के दौरान बंदूक चलाने का अधिकार दिया गया है। साथ ही कार्रवाई के दौरान बिना मजिस्ट्रियल जांच के सीधी एफआईआर और गिरफ्तारी से छूट (कानूनी सुरक्षा) भी प्रदान की गई है।

