BREAKING NEWS
2026-08-12

भोपाल मेट्रो अंडरग्राउंड रूट पर दोनों टीबीएम ने 260 मीटर सुरंग बनाई

bulandsochnews Senior News Reporter

बुलंद सोच, भोपाल।

भोपाल मेट्रो के अंडरग्राउंड रूट पर कार्यरत दोनों टनल बोरिंग मशीन (टीबीएम) ने अब तक 260 मीटर सुरंग का निर्माण कर लिया है। यह अंडरग्राउंड रूट भोपाल रेलवे स्टेशन और नादरा बस स्टैंड के नीचे से निकल रहा है।
मेट्रो अधिकारियों के अनुसार, अंडरग्राउंड रूट का कार्य अगले डेढ़ से दो साल में पूरा कर लिया जाएगा। भूमिगत कॉरिडोर का निर्माण घनी आबादी वाले क्षेत्रों में बेहतर मेट्रो कनेक्टिविटी प्रदान करने और सड़क यातायात के दबाव को कम करने के उद्देश्य से किया जा रहा है।
भूमिगत सुरंग का निर्माण दो चरणों में किया जा रहा है। प्रथम चरण में दोनों टनल बोरिंग मशीनें भोपाल रेलवे स्टेशन से ऐशबाग की ओर आगे बढ़ रही हैं। सुरंगें जमीन से लगभग 60 फीट नीचे बनाई जा रही हैं।
निर्माण कार्य में दोनों टीबीएम अब तक लगभग 260 मीटर सुरंग का निर्माण कर चुकी हैं, जिसमें पहली टीबीएम ने लगभग 160 मीटर और दूसरी ने लगभग 100 मीटर सुरंग बनाई है। सुरंग निर्माण के दौरान टीबीएम मिट्टी को काटते हुए आगे बढ़ती है और इसके साथ सुरंग के भीतर स्थायी प्री-कास्ट आरसीसी रिंग का निर्माण करती है, जिससे भूमिगत सुरंग की संरचनात्मक स्थिरता सुनिश्चित होती है।

Advertisement

सुरक्षा उपाय

भूमिगत निर्माण में आमजन, भवनों एवं श्रमिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है।
सुरंग के ऊपर स्थित भवनों एवं अन्य संरचनाओं में संभावित कंपन (वाइब्रेशन) और जमीन के बैठने (सेटलमेंट) की निगरानी के लिए इंस्ट्रूमेंटेशन एवं मॉनिटरिंग सिस्टम का उपयोग किया जा रहा है। इससे किसी भी असामान्य बदलाव की समय रहते जानकारी प्राप्त कर आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई की जा सकती है।
वहीं, मजदूरों की सुरक्षा के लिए फ्रेश एयर वेंटिलेशन सिस्टम और गैस मॉनिटरिंग सिस्टम लगाए गए हैं। सुरंग में गैस की नियमित जांच के साथ 24 घंटे सुरक्षा निगरानी की जा रही है।

टीबीएम तकनीक का उपयोग

जानकारी के अनुसार, प्रदेश में पहली बार इस प्रकार की दो टनल बोरिंग मशीनों का उपयोग किया जा रहा है।
यह सुरंग ऐशबाग से सिंधी कॉलोनी के बीच निर्मित की जा रही है, जो भोपाल रेलवे स्टेशन एवं नादरा बस स्टैंड जैसे प्रमुख क्षेत्रों को जोड़ेगी।
टीबीएम तकनीक को इस प्रकार डिज़ाइन किया गया है कि यह घनी आबादी वाले एवं संवेदनशील शहरी क्षेत्र के नीचे उच्च सटीकता और सुरक्षा के साथ कार्य कर सके।
मेट्रो प्रोजेक्ट को भोपाल नगर निगम, लोक निर्माण विभाग (PWD), रेलवे, पुलिस विभाग, स्थानीय प्रशासन, जनप्रतिनिधियों एवं नागरिकों का सहयोग मिल रहा है।

ऑरेंज लाइन का प्रगति

भोपाल में एम्स से करोंद चौराहे तक ऑरेंज लाइन का काम चल रहा है। सुभाषनगर से एम्स के बीच 6 किलोमीटर लंबा प्रायोरिटी कॉरिडोर है, जहां पर मेट्रो चल रही है।
इसी लाइन के दूसरे चरण यानी, सुभाषनगर से करोंद के बीच काम चल रहा है। यहां पर मेट्रो अंडरग्राउंड भी गुजरेगी।
इस कॉरिडोर में भोपाल और नादरा, दो अंडरग्राउंड स्टेशन बनाए जा रहे हैं, जिनकी लंबाई लगभग 180-180 मीटर होगी।
टीबीएम से बनी सुरंग 3.39 किलोमीटर तक जाएगी। इसके बाद बड़ा बाग के पास नादरा स्टेशन के आगे 143 मीटर के स्लोप के जरिए मेट्रो फिर जमीन के ऊपर आ जाएगी।