बुलंद सोच, भोपाल।
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव अब प्रदेश के नए मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल के साथ मिलकर ‘कलेक्टर-कमिश्नर कॉन्फ्रेंस’ की अध्यक्षता करेंगे। यह महत्वपूर्ण बैठक 15 अगस्त के बाद आयोजित की जाएगी। पूर्व में यह बैठक केवल मुख्य सचिव द्वारा ली जानी थी, किंतु मुख्यमंत्री ने स्वयं उपस्थित रहने की बात कही। इसके परिणामस्वरूप कार्यक्रम में बदलाव करते हुए एक नई कार्ययोजना तैयार की गई है।
बैठक का नया स्वरूप
इस बार की कलेक्टर-कमिश्नर कॉन्फ्रेंस में पूर्व की तरह 71 बिंदुओं के लंबे एजेंडे पर चर्चा नहीं होगी। बैठक को अनावश्यक रूप से लंबा खींचने के बजाय, आवश्यक और सटीक (पिन-पॉइंटेड) बिंदुओं पर ही निश्चित समय में समीक्षा की जाएगी। मुख्य सचिव कार्यालय ने इस संबंध में सभी विभागों को दिशा-निर्देश जारी किए हैं और विभागीय कार्यों की प्रगति रिपोर्ट (Progress Report) तलब की है।
समीक्षा के प्रमुख मुद्दे
कानून व्यवस्था और सुशासन के तहत जिलों में कानून व्यवस्था की स्थिति तथा जनकल्याणकारी योजनाओं की जमीनी हकीकत की रिपोर्ट देखी जाएगी। हाल ही में लागू किए गए निर्देशों के अनुसार, ‘जन-विश्वास अभियान’ के तहत हर शुक्रवार को अधिकारियों द्वारा बैठकों से दूरी बनाकर मैदानी निरीक्षण और जनता से सीधे संवाद की समीक्षा की जाएगी। जिलों के प्रशासनिक प्रदर्शन के आधार पर तैयार की गई रैंकिंग पर भी रिपोर्ट प्रस्तुत की जाएगी। जमीनी और आर्थिक योजनाओं के अंतर्गत पट्टा वितरण, अवैध कॉलोनियों का प्रबंधन, प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना की प्रगति, बैंकर्स की मासिक और त्रैमासिक बैठकों की स्थिति तथा रोजगार एवं स्वरोजगार योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा की जाएगी। कलेक्टर्स और एसडीएम द्वारा रोस्टर के अनुसार तहसीलों का निरीक्षण तथा मासिक राजस्व समीक्षा भी प्रमुख मुद्दों में शामिल है।

