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2026-08-02

दतिया उपचुनाव: भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल की पहली परीक्षा

bulandsochnews Senior News Reporter

बुलंद सोच, भोपाल।

दतिया विधानसभा उपचुनाव के परिणाम केवल भाजपा या कांग्रेस की हार-जीत तक सीमित नहीं हैं। ये मिशन 2028 की तैयारियों और जनता के मूड के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण हैं। वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव के बाद यह चौथा उपचुनाव है। पहले हुए तीन उपचुनावों में भाजपा दो-एक से आगे चल रही है। दतिया उपचुनाव का परिणाम यह निर्धारित करेगा कि किसका ग्राफ बढ़ेगा।

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खंडेलवाल के नेतृत्व की परीक्षा

यह भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के नेतृत्व में पहला विधानसभा चुनाव है। उन्होंने चुनाव के दौरान दतिया में लगातार प्रवास किया और पार्टी की चुनावी गतिविधियों की निगरानी की। इस चुनाव परिणाम को उनके संगठनात्मक नेतृत्व और चुनाव प्रबंधन की पहली बड़ी परीक्षा के रूप में देखा जा रहा है।

पिछले तीन उपचुनावों का विश्लेषण

वर्ष 2023 के बाद मध्य प्रदेश में तीन विधानसभा सीटों पर उपचुनाव हुए थे। इनमें भाजपा ने दो और कांग्रेस ने एक सीट जीती थी। बुधनी सीट पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के विदिशा से लोकसभा चुनाव लड़ने के कारण रिक्त हुई थी। इस सीट पर भाजपा के रमाकांत भार्गव विजयी हुए।
छिंदवाड़ा जिले की अमरवाड़ा विधानसभा सीट का उपचुनाव कांग्रेस विधायक कमलेश शाह के पार्टी छोड़ने के कारण हुआ था। भाजपा ने कमलेश शाह को प्रत्याशी बनाया और उन्होंने कांग्रेस की इस पारंपरिक सीट पर जीत दर्ज की।
कांग्रेस के रामनिवास रावत ने भी कांग्रेस छोड़कर भाजपा की सदस्यता ग्रहण की। उन्हें वन मंत्री नियुक्त किया गया, जिसके बाद उनके पद पर रहते हुए श्योपुर जिले की विजयपुर सीट पर उपचुनाव हुआ। इस उपचुनाव में कांग्रेस के मुकेश मल्होत्रा ने विजय प्राप्त कर पार्टी का कब्जा बरकरार रखा।

दतिया उपचुनाव का कारण और प्रत्याशी

दतिया विधानसभा सीट के उपचुनाव की स्थिति भी कुछ ऐसी ही है। कांग्रेस के राजेंद्र भारती ने भाजपा के वरिष्ठ नेता और तत्कालीन गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा को पराजित किया था। हालांकि, आर्थिक अनियमितता से जुड़े एक मामले में न्यायालय ने उन्हें तीन वर्ष के कारावास की सजा सुनाई। इस सजा के परिणामस्वरूप वे अयोग्य घोषित हो गए और उनकी सदस्यता समाप्त हो गई, जिसके कारण यह उपचुनाव हो रहा है।
भाजपा ने डॉ. नरोत्तम मिश्रा के स्थान पर आशुतोष तिवारी को प्रत्याशी बनाया, जबकि कांग्रेस ने पूर्व विधायक घनश्याम सिंह को मैदान में उतारा।

कांग्रेस में आंतरिक कलह

दतिया उपचुनाव के बाद कांग्रेस में कलह देखने को मिली। घनश्याम सिंह ने राजेंद्र भारती पर भितरघात का आरोप लगाया, जिस पर भारती ने कहा कि घनश्याम सिंह के पूर्व गृह मंत्री से करीबी संबंध हैं।

दोनों दलों का प्रचार और कसौटी

दोनों ही दलों ने चुनाव प्रचार में अपनी पूरी ताकत झोंक दी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सहित भाजपा के सभी वरिष्ठ नेताओं ने प्रचार किया। मध्य प्रदेश कांग्रेस के सभी वरिष्ठ नेता दतिया पहुंचे, और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने चार दिन तक वहां प्रवास किया। इस उपचुनाव के परिणाम से भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के संगठनात्मक नेतृत्व, चुनाव प्रबंधन और सरकार के कामकाज की कसौटी होगी। साथ ही, यह कांग्रेस के पीढ़ी परिवर्तन और संगठन सृजन की भी परीक्षा होगी।