बुलंद सोच।
जाट आंदोलन दंगों के भगोड़े धर्मेंद्र हुड्डा ने एक नया वीडियो जारी कर हरियाणवी सिंगर-डांसर सपना चौधरी पर फिर हमला किया है। हुड्डा ने सपना को नशेड़ी बताया और आरोप लगाया कि वह सूखा नशा गांजा पीकर स्टेज पर जाती हैं और कुछ भी बोल देती हैं।
धर्मेंद्र हुड्डा ने वीडियो में आगे कहा कि सपना चौधरी हमेशा मर्दों के बारे में गलत बोलती हैं। उन्होंने सपना के बयान का जिक्र किया, जिसमें उन्होंने कहा था कि मर्द क्या होते हैं, कुछ नहीं होते। हुड्डा ने कहा कि सपना की जिंदगी में भी उनके भाई, पिता, पति और बेटे सहित कई मर्द हैं और उन्हें मर्दों को गलत बोलते हुए शर्म आनी चाहिए। उन्होंने यह भी दोहराया कि सपना सूखा नशा करके कुछ भी बोल रही हैं।
सपना चौधरी का पलटवार एवं संबंधित विवाद
हुड्डा के आरोपों के बाद सपना चौधरी ने कहा कि वह उनके ऊपर केस करेंगी। उन्होंने यह भी कहा कि वह जिस भाषा में बोलेंगी, उसे उसी भाषा में जवाब भी मिलेगा।
अपने विदेशी दौरे के दौरान सपना चौधरी ने एक तस्वीर साझा करते हुए कैप्शन में लिखा था, “सुंदरता सिर्फ ध्यान खींचती है, मगर इंसान का अच्छा चरित्र दिल जीत लेता है।” उन्होंने किसी का नाम नहीं लिया, लेकिन उपयोगकर्ताओं ने इस पोस्ट पर धर्मेंद्र हुड्डा से जुड़े कमेंट किए थे।
एक दिन पहले ही सपना चौधरी के पति वीर साहू उनके समर्थन में उतरे थे। उन्होंने अश्लील कंटेंट को लेकर महम चौबीसी में हुई खाप पंचायत के बाद कहा था कि महम चौबीसी के चबूतरे की अपनी मर्यादा है और यदि कोई यहां आकर निजी खुंदक निकालता है, तो उससे ज्यादा जलील आदमी कोई नहीं हो सकता। साहू ने यह भी जोड़ा कि खाप के मंच का इस्तेमाल किसी को भी अपनी राजनीतिक रोटियां सेंकने के लिए नहीं करना चाहिए।
असल में महम चौबीसी के चबूतरे पर महापंचायत धर्मेंद्र हुड्डा की कॉल पर ही बुलाई गई थी।
घरेलू हिंसा का मामला
विवाद तब सार्वजनिक हुआ जब सपना चौधरी ने दिल्ली की द्वारका महिला कोर्ट में घरेलू हिंसा अधिनियम के तहत एक याचिका दायर की। उन्होंने आरोप लगाया कि वैवाहिक जीवन के दौरान उनके साथ कई बार मारपीट और दुर्व्यवहार किया गया।
सपना का कहना है कि हालात इतने बिगड़ गए थे कि उन्हें अपना ससुराल छोड़ना पड़ा।
सपना की ओर से एडवोकेट प्रीति सिंह ने कोर्ट में दलील दी कि उनकी फिल्म ‘मोमाकू’ जल्द रिलीज होने वाली है और उसका प्रीमियर भी होने वाला है। ऐसे में सपना को सुरक्षा की जरूरत है। उन्होंने आशंका जताई कि वीर साहू किसी सार्वजनिक कार्यक्रम या फिल्म के प्रीमियर में पहुंचकर हंगामा कर सकते हैं, जिससे सपना की सुरक्षा और उनके काम पर असर पड़ सकता है।
न्यायिक मजिस्ट्रेट निधि सिंह ने आदेश दिया कि अगली सुनवाई तक वीर साहू किसी भी माध्यम से सपना चौधरी से संपर्क नहीं करेंगे। उन्हें सपना के घर, कार्यस्थल या उनके आसपास जाने से भी रोका गया है।
अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि प्रतिवादी किसी भी प्रकार की घरेलू हिंसा या उत्पीड़न नहीं करेंगे। कोर्ट ने संबंधित प्रोटेक्शन ऑफिसर और स्थानीय थाना प्रभारी (SHO) को आदेश दिया है कि वे अदालत के निर्देशों का पालन सुनिश्चित करें।

