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2026-07-29

दिल्ली विश्वविद्यालय और जेएनयू ने छात्रों को जंतर-मंतर प्रदर्शनों से दूर रहने की सलाह दी

bulandsochnews Senior News Reporter

बुलंद सोच, दिल्ली।

राजधानी दिल्ली में नीट पेपर लीक मामले को लेकर जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) ने छात्रों और शिक्षकों के लिए एक एडवाइजरी जारी की है। विश्वविद्यालय ने जंतर-मंतर पर होने वाले धरना-प्रदर्शनों से दूर रहने की अपील की है। डीयू ने कहा है कि ऐसे आयोजनों में शामिल होने पर कानूनी कार्रवाई हो सकती है। डीयू ने 23 जुलाई, 2026 को ट्विटर पर कहा कि नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर होने वाली कोई भी गैरकानूनी सभा या प्रदर्शन, जो भारत के माननीय सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुसार सख्ती से विनियमित हैं, कानूनी कार्रवाई को आमंत्रित कर सकते हैं। विश्वविद्यालय का कहना है कि इस तरह की गतिविधियां न केवल छात्रों की सुरक्षा के लिए खतरा हैं, बल्कि उनके शैक्षिक रिकॉर्ड और भविष्य के करियर पर भी असर डाल सकती हैं। डीयू ने छात्रों को सोशल मीडिया पर फैल रही भ्रामक और फर्जी खबरों से भी सतर्क रहने की सलाह दी। इस आंदोलन में सक्रिय छात्र संगठनों में स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SFI), आल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA), आल इंडिया स्टूडेंट्स फेडरेशन (AISF), कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और विभिन्न डीयू कॉलेजों के स्वतंत्र छात्र समूह शामिल हैं।

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जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय की एडवाइजरी

जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) ने भी एक एडवाइजरी जारी की है। जेएनयू ने 24 जुलाई, 2026 को ट्विटर पर कहा कि सभी सदस्यों को जिम्मेदारी से काम लेने और अपनी व्यक्तिगत सुरक्षा को प्राथमिकता देने की सलाह दी जाती है। विश्वविद्यालय ने सार्वजनिक प्रदर्शनों के बारे में सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार, नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर या उसके आसपास होने वाली सभाओं में शामिल होने या वहां जाने से बचने का अनुरोध किया है। जेएनयू ने सदस्यों को सोशल मीडिया पर जिम्मेदारी से व्यवहार करने और शैक्षणिक जिम्मेदारी तथा जिम्मेदार नागरिकता के मूल्यों को बनाए रखने की भी सलाह दी।

आईआईटी मद्रास का बयान

आईआईटी मद्रास ने 23 जुलाई, 2026 को ट्विटर पर एक बयान जारी किया। आईआईटी मद्रास ने कहा कि किसी भी परीक्षा में भरोसे की असली नींव वे शिक्षक होते हैं जो प्रश्न-पत्र तैयार करते हैं। संस्थान ने कहा कि वे शिक्षकों की ईमानदारी और सच्चाई पर भरोसा करते हैं। आईआईटी मद्रास ने बताया कि नीट पेपर लीक के बारे में मीडिया की खबरों से पता चलता है कि इस घोटाले में प्रश्न-पत्र तैयार करने वाले लोग ही शामिल हैं। संस्थान ने यह भी बताया कि मीडिया से यह जानकर हैरानी होती है कि जब सीबीएसई ने री-इवैल्यूएशन पोर्टल शुरू किया, तो साइबर अपराधियों ने कम समय में 3.8 मिलियन पैकेट भेजकर उसे ठप करने की कोशिश की थी।

राहुल गांधी ने एडवाइजरी की आलोचना की

लोकसभा में राहुल गांधी ने 24 जुलाई को दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) की उस एडवाइजरी की कड़ी आलोचना की। इस एडवाइजरी में छात्रों से जंतर-मंतर पर हो रहे प्रदर्शनों से दूर रहने को कहा गया था। कांग्रेस नेता ने विश्वविद्यालय पर छात्रों को उनके लोकतांत्रिक अधिकारों का इस्तेमाल करने के लिए धमकाने का आरोप लगाया। गांधी ने 24 जुलाई को ट्विटर पर डीयू की एडवाइजरी पर प्रतिक्रिया देते हुए लिखा, “छात्रों को उनके लोकतांत्रिक अधिकारों का इस्तेमाल करने के लिए धमकाने की हिम्मत कैसे हुई?” उन्होंने आगे लिखा, “ध्यान रहे, जब समय आएगा तो आप ही जवाबदेह होंगे।”

नीट छात्रा के दावे की सच्चाई

कानपुर की आर्या सिंह ने, जिन्होंने 21 जून को री-नीट परीक्षा दी थी, नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) पर गंभीर आरोप लगाए थे। वह अपनी ओएमआर शीट लेकर अपने पिता के साथ एनटीए के विरोध में दिल्ली के जंतर-मंतर भी पहुंच गई थीं। एनटीए ने फोरेंसिक जांच से उनकी मार्कशीट में किए गए डिजिटली बदलावों को पकड़ा। एनटीए ने बताया कि छात्रा का दावा झूठा था और उसने फर्जी मार्कशीट बनाई थी।